Nagpur Municipal Corporation Encroachment: नागपुर महानगरपालिका मुख्यालय में मंगलवार को आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहर अब एक बड़ी 'प्रशासनिक सर्जरी' के दौर से गुजरने वाला है।
यह बैठक महज एक औपचारिक प्रशासनिक चर्चा नहीं थी बल्कि सिटी की शहरी छवि को अतिक्रमण के चंगुल से मुक्त कराने के लिए तैयार किया गया एक आक्रामक 'मास्टर प्लान' है।
नापुर महानगरपालिका गलियारों में आयुक्त के इस रुख को एक निर्णायक हस्तक्षेप के रूप में देखा जा रहा है जिसका सीधा उद्देश्य शहरी व्यवस्था में व्याप्त अराजकता पर अंकुश लगाकर नागरिक सुविधाओं को बहाल करना है।
नागपुर जिला मुख्यालय में प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त डॉ.विपिन इटनकर ने 'फिल्ड लीडरशिप' का कड़ा रुख अपनाते हुए सहायक आयुक्तों को सीधे सड़कों पर उतरने का अल्टीमेटम दिया है।
इस अभियान को परिणामोन्मुख बनाने के लिए दो प्रमुख परिचालन लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं जिसके अनुसार प्रत्येक जोन के सहायक आयुक्त को अपने क्षेत्र में उन 10 प्रमुख स्थलों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है।
जो अतिक्रमण के कारण यातायात और जनजीवन के लिए सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं। इसी तरह से केवल खानापूर्ति वाली कार्रवाई के बजाय अब प्रत्येक जोन में प्रति दिन न्यूनतम 5 किलोमीटर के दायरे में सघन और प्रभावी अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाना अनिवार्य होगा।
नागपुर महानगरपालिका में सड़कों पर अनियोजित रूप से लगने वाले साप्ताहिक बाजार यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती रहे हैं। आयुक्त ने इसे 'ईज ऑफ मूवमेंट के अधिकार का उल्लंघन मानते हुए एक सप्ताह के भीतर सभी जोनों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
इस डेटा संकलन का रणनीतिक उद्देश्य इन बाजारों को वैज्ञानिक रूप से पुनर्व्यवस्थित करना है। प्रशासन का यह कदम अनौपचारिक विक्रेताओं और आम नागरिकों के बीच एक ऐसा संतुलन बनाने का प्रयास है जिससे सड़कों पर लगने वाले 'ट्रैफिक जाम' की समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सके।