नागपुर

धरमपेठ जोन में सबसे ज्यादा निकलता है कचरा, NMC के आंकड़ों से हुआ खुलासा

नवभारत डेस्क

नागपुर. सिटी के धरमपेठ जोन के लोग सबसे ज्यादा कचरा सड़कों पर फेंक रहे हैं जबकि मंगलवारी जोन के लोग सबसे कम. इस बात का खुलासा नागपुर म्युनिसिपल कारपोरेशन (NMC) के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट डिपार्टमेंट (SWM) के आंकड़ों से हुआ है. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के 17 से 23 जनवरी यानी 1 सप्ताह के आंकड़ों का विश्लेषण (एनालिसिस) करने पर पता चला कि इस दौरान धरमपेठ जोन से करीब 93.92 मीट्रिक टन (MT) कचरा एकत्रित किया गया. हैरानी की बात है कि यह सिटी का बेहद छोटा इलाका है और यहां कमर्शियल गतिविधियां और मार्केट भी कम हैं. इससे इस बात का पता चलता है कि धरमपेठ जोन इलाके में रहने वाले लोगों में नागरिकता की भावना (सिविक सेंस) की कमी है.

यहां के लोग साफ सफाई को लेकर गंभीर नहीं हैं. इसके बाद गांधीबाग जोन से 92.54  मीट्रिक टन कचरा एकत्रित किया गया, जिसमें सूखा कचरा अधिक था. इस जोन में महल, चिटनिस पार्क जैसे इलाके शामिल हैं. यहां कमर्शियल गतिविधियां व मार्केट सबसे ज्यादा हैं. इससे स्पष्ट है कि यहां के दूकानदार और लोग भी सड़क पर कचरे को फेंकने को लेकर बेपरवाह बने हुए हैं. नेहरूनगर जोन की सड़कों पर भी गंदगी का ऐसा ही दृश्य देखने को मिलता है.

इस जोन से 79.66 मीट्रिक टन कचरा एकत्रित किया गया. धंतोली जोन, जिसमें कॉटन मार्केट, गणेशपेठ आदि आते हैं, से 76.62 मीट्रिक टन कचरा एकत्रित किया गया. इसी प्रकार लकड़गंज जोन से 74.71 मीट्रिक टन, लक्ष्मीनगर जोन से 73.71 मीट्रिक टन, सतरंजीपुरा जोन से 72.81 मीट्रिक टन, आशीनगर जोन से 51.36 मीट्रिक टन, हनुमान नगर जोन से 49.13 मीट्रिक टन कचरा फेंका जा रहा है. मंगलवारी जोन से सबसे कम 45.72 मीट्रिक टन कचरा सड़कों पर फेंका जा रहा है.  

333 कचरा डंप स्थान चिह्नित

एनएमसी की तरफ से नियमित डोर टू डोर कचरा उठाया जा रहा है, इसके बावजूद सिटी के करीब 333 स्थानों पर लोग बेरोकटोक कचरा डंप कर रहे हैं. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट डिपार्टमेंट ने जोन 1 से जोन 5 तक में 209 कचरा डंप स्थानों को चिह्नित किया है जबकि जोन 6 से जोन 10 तक यानी शेष 5 जोन में 124 कचरा डंप स्थानों को चिह्नित किया है. 

स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ने का खतरा 

पिछली बार सड़कों की साफ सफाई में कमी रह जाने के कारण स्वच्छता सर्वेक्षण में एनएमसी को कम अंक प्राप्त हुए थे. सर्वेक्षण में पिछली बार नागपुर 18वें स्थान से फिसलकर 23वें स्थान पर पहुंच गया था. यदि स्वच्छता अभियान से जुड़ी समितियों ने सही तरीके से निगरानी नहीं की और लोगों को सफाई के लिए जागरूक नहीं किया तो इस बार भी नागपुर स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग नहीं ला पाएगा. कई लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ होने वाले मार्केट में एनएमसी को दिन में दो बार सड़कों पर से कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए. 

जोन      कचरा (मीट्रिक टन में)

धरमपेठ       93.92

गांधीबाग      92.54

नेहरूनगर     79.66

धंतोली       76.62

लकड़गंज    74.71

लक्ष्मीनगर    73.71

सतरंजीपुरा   72.81

आशीनगर    51.36

हनुमाननगर   49.13

मंगलवारी     45.72 

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