सरकारी ठेकेदार, बकाया भुगतान AI जनरेटेड इमेज
नागपुर

पैसे दो या काम बंद करो: महाराष्ट्र स्टेट गवर्नमेंट कॉन्ट्रैक्टर फेडरेशन का बड़ा ऐलान

Maharashtra Contractors Dues: महाराष्ट्र के सरकारी ठेकेदारों ने विभिन्न विभागों में 90 हजार करोड़ रुपये बकाया होने का दावा करते हुए 18 अगस्त से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया।

अंकिता पटेल

Government Contractors Payment Protest: नागपुर राज्य भर में विभिन्न विभागों के कामों की लगभग 90,000 करोड़ रुपये की बकाया राशि से परेशान ठेकेदारों ने एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है। आगामी 18 अगस्त से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।

महाराष्ट्र स्टेट गवर्नमेंट कॉन्ट्रैक्टर फेडरेशन ने दावा किया है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग, आदिवासी विकास, जिला परिषद, जल संसाधन, नगर विकास और राजस्व जैसे विभिन्न विभागों में निर्माण कार्यों के करीब 90,000 करोड़ रुपये बकाया हैं।

फेडरेशन ने किया रणनीति में बदलाव

सभी विभागों की मांगें एक साथ रखने पर सरकार और संबंधित विभागों द्वारा तरह-तरह के बहाने बनाकर टालमटोल की जाती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए फेडरेशन ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है।

मुंबई के आंदोलन में सबसे पहले आदिवासी विभाग के पास बकाया लगभग 10,000 करोड़ रुपये तत्काल जारी करने की मांग पर जोर दिया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से एक-एक विभाग की मांग उठाई जाएगी।

सभी संगठन एकजुट

आंदोलन के लिए बिल्डर्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स, जिला स्तरीय संगठनों के साथ-साथ जल आपूर्ति, मजदूर सहकारी संघ और अधिकांश संगठन एक साथ आए हैं। यह आंदोलन फेडरेशन के बैनर तले किया जाएगा।

घेराव के बाद मुंबई में बैठक ठेकेदारों ने आदिवासी विकास मंत्री अशोक उड़के के मुंबई स्थित बंगले का घेराव किया। इसके बाद उन्होंने आने वाली 12 तारीख को सभी संबंधितों की बैठक बुलाने का आश्वासन दिया। जल जीवन मिशन के ठेकेदारों की ओर से 10 अगस्त को
संविधान चौक पर धरना दिया जाएगा।

इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय पर मोर्चा निकाला जाएगा। सैकड़ों ठेकेदार लेंगे हिस्सा सरकार पुराना बकाया नहीं दे रही है लेकिन नए काम करा रही है। इसके विरोध में मुंबई में अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। विदर्भ का आज (गुरुवार) से दौरा कर ठेकेदारों से संपर्क साधा जाएगा। इस आंदोलन में विदर्भ के सैकड़ों ठेकेदार हिस्सा लेंगे।

- सुबोध सरोदे, संगठण (विदर्भ) कॉन्ट्रैक्टर फेडरेशन

2 वर्ष से बकाया है राशि

आदिवासी विकास विभाग के पास पिछले 2 वर्ष से भुगतान बकाया है। 12,000 करोड़ रुपये में से केवल 2,000 करोड़ रुपये दिए गए। इस साल सिर्फ 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। यदि प्रावधान इसी अनुपात में रहा तो कामों का पैसा मिलने में 10 साल लग जाएंगे।

ठेकेदार कर्ज में डूब चुके हैं और कुछ के घर गिरवी रखे हैं, इसलिए सरकार सभी का बकाया एकमुश्त चुकता करे, यह मांग फेडरेशन के उपाध्यक्ष किसन पानसरे ने की है। नाशिक जिले में सबसे अधिक 1,950 करोड़ रुपये की बकाया राशि है, जबकि गड़चिरोली जिले में सबसे अधिक 5,110 काम हुए हैं।

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