Betul Khandwa Four Lane Project Green Signal: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों और व्यापारिक परिवहन के लिए एक बड़ी और राहतभरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित 'बैतूल-खंडवा फोर-लेन हाईवे' परियोजना को अपनी मंजूरी दे दी है। इस नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद इंदौर और नागपुर के बीच लगने वाला यात्रा का समय घटकर मात्र 6 घंटे रह जाएगा। वर्तमान में दो-लेन सड़कों की वजह से दोनों प्रमुख शहरों के बीच यात्रा में लगभग 13 से 14 घंटे का समय लगता है।
यह फोर-लेन हाईवे व्यापक 'बैतूल-खंडवा-वडोदरा' कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के बीच अंतरराज्यीय व्यापार और परिवहन को अभूतपूर्व गति देगा:
महाराष्ट्र: नागपुर, जलगांव, भुसावल, अकोला, वाशिम, हिंगोली और नांदेड़ जैसे प्रमुख शहरों के साथ सीधी और सुगम कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
मध्य प्रदेश: इंदौर, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर और बड़वानी जिलों को एक्सप्रेसवे स्तर का सड़क नेटवर्क मिलेगा।
गुजरात: खंडवा से अहमदाबाद और वडोदरा जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों के लिए सीधी सड़क लाइन उपलब्ध होगी।
यह मार्ग एनएच-47, एनएच-753 और एनएच-52 जैसे प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को सीधे जोड़ेगा। इसके अतिरिक्त यह इंदौर और नागपुर हवाई अड्डों, इंदौर के मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और बैतूल-खंडवा के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के बीच लॉजिस्टिक नेटवर्क को भी सशक्त बनाएगा।
यह नया कॉरिडोर मालवा और निमाड़ अंचल के विकास के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। विशेष रूप से उज्जैन में आयोजित होने वाले 'सिंहस्थ कुंभ 2028' के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के यातायात प्रबंधन में यह मार्ग केंद्रीय भूमिका निभाएगा।
यह फोर-लेन हाईवे उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और खंडवा स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के बीच सीधा और तेज संपर्क मार्ग प्रदान करेगा। महाराष्ट्र और गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दोनों पवित्र ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना अब बेहद आसान, त्वरित और सुविधाजनक हो जाएगा।