रेलवे परिसर में धूम्रपान पर अधिकतम जुर्माना AI जनरेटेड इमेज
नागपुर

ट्रेन में सिगरेट पीना अब पड़ेगा बहुत भारी! रेलवे ने 20 गुना बढ़ाया जुर्माना, ₹100 की जगह देने होंगे ₹2,000

Railways Smoking Fine: रेलवे एक्ट 1989 में संशोधन के बाद ट्रेनों और रेलवे परिसर में धूम्रपान करने पर अधिकतम जुर्माना ₹100 से बढ़ाकर ₹2,000 कर दिया गया है। टिकट जब्त करने का भी प्रावधान जोड़ा गया है।

अंकिता पटेल

Railway Smoking Fine Increased: ट्रेनों में धूम्रपान समेत अन्य आपराधिक गतिविधियों से संबंधित रेलवे एक्ट 1989 में कुछ अहम बदलाव करते हुए अब जुर्माने की राशि को 20 प्रतिशत से अधिक तब बढ़ा दिया गया है। इन बदलावों का उद्देश्य रेलवे परिसर और ट्रेनों में धूम्रपान, अनधिकृत प्रवेश, अवैध फेरी, उपद्रव तथा अन्य असुरक्षित गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना तथा मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करना है।

संशोधित प्रावधानों के अनुसार धारा 167 (धूम्रपान) के तहत पहले अधिकतम 100 रुपये का जुर्माना था जिसे बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति का पास या टिकट जब्त कर उसे रेलवे परिसर से बाहर किया जा सकेगा। यदि जुर्माना नहीं भरा गया तो न्यायालय 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकता है।

शराब पीकर उपद्रव तो लॉकअप में रहना तय

वहीं ट्रेनों या रेलवे परिसर में शराब पीकर उपद्रव करने पर धारा 145 के तहत कार्रवाई की जाती है। इसके तहत रेलवे परिसर से बाहर निकालने, टिकट या पास जब्त करने, 6 माह तक कारावास तथा 500 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान था। संशोधन के बाद अब 24 घंटे तक साधारण कारावास, 1,000 रुपये तक जुर्माना, दोनों सजाएं अथवा सामुदायिक सेवा का प्रावधान किया गया है।

लगातार उपद्रव करने पर 6 माह तक कारावास या 5,000 रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों सजाएं दी जा सकेंगी। यात्री क्षेत्र में अवैध प्रवेश कर स्थान खाली करने से इनकार करने पर धारा 147 के तहत 500 रुपये का जुर्माना लगेगा। रेलवे परिसर के दुरुपयोग पर 3 माह तक कारावास या 5,000 रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों सजाएं दी जा सकेंगी। न्यूनतम जुर्माना 2,000 रुपये होगा तथा कार्रवाई से पहले चेतावनी दी जाएगी।

रेलवे के कार्य में बाधा तो 3 माह की जेल

  • रेलवे कर्मचारी के कार्य में बाधा पहुंचाने पर धारा 146 के तहत अब 3 माह तक कारावास या 2,500 रुये तक जुर्माना अथवा दोनों सजाएं दी जा सकेंगी।

  • अवैध वैडरिंग पर धारा 144 के अंतर्गत पहले 3 उल्लंघनों के लिए प्रत्येक बार 2,000 रुपये का जुर्माना लगेगा और जुर्माना नहीं भरने पर 3 माह तक कारावास, 5,000 रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों सजाएं न्यायालय दे सकेगा।

  • चौथी और उसके बाद की पुनरावृत्ति पर एक वर्ष तक कारावास और 5,000 तक जुमनि का प्रावधान किया गया है। हालांकि जनविश्वास अधिनियम-2023 के तहत भीख मांगना पहले ही अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा चुका है।

  • धारा 165 के तहत आपत्तिजनक वस्तुएं अवैध रूप से लाने पर अब न्यूनतम 10,000 रुपये का जुर्माना, संबंधित वस्तु हटाने की कार्रवाई तथा हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी।
    जुर्माना नहीं भरने पर न्यायालय एक वर्ष तक कारावास या न्यूनतम 10,000 रुपये का जुर्माना अथवा दोनों सजाएं सुना सकता है।

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