नागपुर में 9वें अंतर्राष्ट्रीय प्रधानाचार्य शैक्षिक सम्मेलन (IPEC) 2026 के समापन
शिक्षा और समाज में उल्लेखनीय योगदान के लिए 'नचिकेता पुरस्कार' मिले।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वितरित किए नचिकेता पुरस्कार।
अभिनेता डॉ. नीतीश भारद्वाज को बेस्ट नचिकेता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
Devendra Fadnavis Present Nachiketa Award: नागपुर में 9वें अंतर्राष्ट्रीय प्रधानाचार्य शैक्षिक सम्मेलन (IPEC) 2026 का भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने शिक्षा जगत और विभिन्न क्षेत्रों में अनुकरणीय योगदान देने वाले शिक्षाविदों, नीति-निर्धारकों और विशिष्ट व्यक्तित्वों को 'नचिकेता पुरस्कार' से सम्मानित किया।
इस अवसर पर राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर, पूर्व सांसद एवं प्रसिद्ध अभिनेता डॉ. नीतीश भारद्वाज, IPEC की मुख्य संयोजक डॉ. मृणालिनी दस्तूर, IIM नागपुर के निदेशक डॉ. भीमराया मेट्री और 'द साउथ पब्लिक स्कूल' के निदेशक डेवेन दस्तूर सहित शैक्षणिक जगत और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी कई हस्तियां मंच पर मौजूद थीं।
नागपुर में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय प्रधानाचार्य शैक्षिक सम्मेलन (IPEC) 2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को नचिकेता पुरस्कार प्रदान किया। साथ ही सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई, और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं भी दी।
बेस्ट नचिकेता पुरस्कार: डॉ. नीतीश भारद्वाज, पूर्व सांसद और अभिनेता
नचिकेता लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार: डॉ. रजिया हुसैन, प्रधानाचार्य, MSB एजुकेशनल इंस्टीट्यूट
नचिकेता लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार: श्रद्धा केलापुरे, पूर्व प्रधानाचार्य, द साउथ पब्लिक स्कूल, नागपुर
सुपर नचिकेता पुरस्कार: डॉ. इंदिरा नयना, निदेशक और प्रमुख (अकादमिक सलाहकार), बिलबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल, मुंबई
सुपर नचिकेता पुरस्कार: कंचन उके, प्रधानाचार्य, सेंटर पॉइंट स्कूल, वर्धमान नगर, नागपुर
नागपुर शहर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एक समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में शिक्षा और शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि है। उन्होंने पुरस्कार विजेताओं की सराहना करते हुए कहा कि 'नचिकेता पुरस्कार' केवल एक सम्मान नहीं है, बल्कि यह उन दूरदर्शी नेतृत्वकर्ताओं की निस्वार्थ सेवा और समर्पण की पहचान है जो देश के उज्ज्वल भविष्य को आकार दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि स्कूल, शिक्षक, प्रार्चाय का हमारे सोचने की क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण रोल होता है। सोचने के क्षमता सूचना को ज्ञान में बदलने का काम करता है।