Nagpur Tiger Capital: नागपुर जिले को पर्यटन जिला घोषित करने का आदेश काफी पहले जारी कर दिया गया था लेकिन निर्णय को अमलीजामा पहनाने में विलंब हो रहा है। महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन विभाग ने 15 सितंबर को आधिकारिक शासन निर्णय जारी करते हुए नागपुर जिले को औपचारिक रूप से 'पर्यटन जिला' घोषित कर दिया है।
इस निर्णय से नागपुर जिले के होटल, पर्यटन क्षेत्र के उद्यमियों, कारोबारियों को बड़ी राहत मिल गई है। उद्यमी अब 7 की जगह 10 वर्ष तक सब्सिडी और जीएसटी का लाभ ले सकेंगे।
महाराष्ट्र राज्य की उपराजधानी, ऑरेंज सिटी और भारत की 'टाइगर कैपिटल' के रूप में प्रसिद्ध नागपुर के पर्यटन के बुनियादी ढांचे, स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। पर्यटन नीति-2016 के तहत जारी इस आदेश से पहले जिलाधिकारी नागपुर और पर्यटन निदेशालय के प्रस्तावों की समीक्षा की गई थी।
महाराष्ट्र सरकार ने इस निर्णय के पीछे नागपुर की भौगोलिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक विशिष्टताओं को मुख्य आधार बनाया है।
भारत का भौगोलिक केंद्र: नागपुर भारत के मध्य में स्थित है। ब्रिटिशकाल में स्थापित ऐतिहासिक 'जीरो माइल स्टोन' यहीं स्थित है जो देश का राष्ट्रीय मध्य बिंदु है।
टाइगर कैपिटल और वन्यजीव वैभव: जिले के आसपास 'पेंच राष्ट्रीय उद्यान' और 'उमरेड-करहांडला' जैसे विश्व स्तरीय अभयारण्य और बाघ परियोजनाएं हैं जो इसे भारत की बाघ राजधानी बनाते हैं।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत: गोंड राजाओं और भोसले राजवंश का सत्ता केंद्र रहे नागपुर में कई ऐतिहासिक वास्तुकला और किले मौजूद हैं।
धार्मिक व आधुनिक आकर्षण
ऐतिहासिक दीक्षाभूमि
रामटेक का प्राचीन राम मंदिर
खिंडसी का वाटर स्पोर्ट्स सेंटर
समृद्ध आदिवासी लोककला, हस्तशिल्प और विशाल उद्यान
इस निर्णय पर एआईडी के सदस्य संजय गुप्ता ने कहा कि इस घोषणा के बाद नागपुर जिले में पर्यटन स्थलों के रखरखाव, नई सुविधाओं के निर्माण और विदर्भ क्षेत्र में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए विशेष फंड और योजनाएं उपलब्ध होंगी।
पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर होटल, ट्रांसपोर्ट, गाइड और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि एआईडी के जरिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इस मुद्दे का फॉलोअप निरंतर ले रहे थे जिसके बाद पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद का भरपूर साथ मिला। इन्होंने अनुमोदन किया जिस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतिम निर्णय लेकर जीआर
सिंधुदुर्ग, छत्रपपति संभाजीनगर के बाद राज्य में नागपुर तीसरा जिला है जिसे पर्यटन जिले का दर्जा दिया गया है। गुप्ता ने कहा कि अब तक 7 वर्ष की छूट थी जिसके कारण होटल, पर्यटन से जुड़े कारोबारी जीएसटी छूट का लाभ नहीं उठा पाते थे। सीमा का लगभग 50 फीसदी हिस्सा बिना उपयोग का रह जाता था लेकिन 10 वर्ष मिलने से सभी अधिकतम लाभ ले सकेंगे।