Nagpur Firing News: उपराजधानी में पूर्व नागपुर के भांडेवाड़ी इलाके में देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अज्ञात हमलावरों ने कांग्रेस नगरसेवक शुभम मोटघरे के आवास पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल के मौके पर पहुंचने और जांच का जिम्मा क्राइम ब्रांच को सौंपने के बावजूद 24 घंटे बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुरानी रंगदारी और रंजिश के एंगल से जारी जांच के बीच इस दुस्साहसिक वारदात ने शहर की कानून-व्यवस्था और पुलिस के इकबाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने हमलावरों तक पहुंचने के लिए कई टीमें बनाई हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस घटना से पहले और बाद में इलाके में संदिग्ध लोगों की गतिविधियों की जानकारी भी जुटा रही है।
घटना को 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की पहचान और उनके ठिकाने का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
फायरिंग के पीछे की वजह अभी साफ नहीं हुई है। पुलिस कई संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। इनमें कथित तौर पर पहले सामने आया एक एक्सटॉर्शन मामला भी शामिल है। बताया गया है कि मोटघरे ने कुछ समय पहले कथित तौर पर वसूली की मांग करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस के हवाले किया था। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं मौजूदा घटना का संबंध उसी मामले से तो नहीं है।
इसके अलावा पारिवारिक विवाद, संपत्ति से जुड़े मामले, निजी या कारोबारी विवाद और संभावित राजनीतिक रंजिश के एंगल पर भी जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी एक वजह की पुष्टि नहीं की है।
फायरिंग की खबर के बाद कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे समेत कई पार्टी नेता और कार्यकर्ता मंगलवार रात मोटघरे के घर पहुंचे। पार्षद अतुल कोटेचा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस कमिश्नर ने मोटघरे और उनके परिवार को भरोसा दिलाया है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और फायरिंग के पीछे की असली वजह सामने लाना है।