Seema Pahuja Investigate Disha Salian Death Case: बॉलीवुड अभिनेता दिवंगत सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर महाराष्ट्र के साथ-साथ देश भर में सुर्खियों में आ गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में औपचारिक रूप से FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस FIR में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व उनके बेटे आदित्य ठाकरे समेत कई बड़े नाम शामिल है।
इसी बीच इस केस से जुड़ा सबसे बड़ा अपडेट यह सामने आया है। देश के कई बेहद संवेदनशील और चर्चित मामलों की गुत्थी सुलझाने वाली सीबीआई की वरिष्ठ और जांबाज अधिकारी सीमा पाहुजा को इस जांच की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है।
सीबीआई द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि इस हाई-प्रोफाइल केस की कमान किसी अनुभवी अधिकारी को दी जाएगी। अब सीमा पाहुजा के नाम पर मुहर लगने के बाद इस जांच को लेकर हलचल और तेज हो गई है। बता दें कि सीबीआई द्वारा दर्ज की गई शुरुआती एफआईआर में फिलहाल किसी भी व्यक्ति को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है।
सीमा पाहुजा वर्तमान में सीबीआई मुख्यालय, नई दिल्ली की स्पेशल क्राइम यूनिट में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वे सीबीआई की चंडीगढ़ यूनिट में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। अपने लंबे और निष्पक्ष करियर के दौरान उन्होंने कई ऐसे जटिल आपराधिक मामलों की गुत्थी सुलझाई है, जिन्होंने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
सीमा पाहुजा ने उन्नाव रेप केस, हाथरस केस और पश्चिम बंगाल के कोलकाता RG कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़े रेप-मर्डर केस की जांच का काम संभाला है। इसके अलावा शिमला के चर्चित ‘गुड़िया’ दुष्कर्म-मर्डर केस की जांच में भी उनकी भूमिका थी। शिमला के मामले में जांच के दौरान आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों के इस्तेमाल के लिए भी उनकी टीम की सराहना की गई थी।
सीमा पाहुजा को अपराध अनुसंधान के क्षेत्र में उनकी असाधारण क्षमता, बारीक नजर और आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों के सटीक इस्तेमाल के लिए जाना जाता है। साल 2021 में उन्हें उत्कृष्ट जांच प्रदर्शन के लिए देश के प्रतिष्ठित 'बेस्ट इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर' के गोल्ड मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।
CBI ने दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज कर ली है। अब सीमा पाहुजा इस मामले की जांच का जिम्मा संभालेंगी। CBI की टीम अब दिशा सालियान की मौत से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और उपलब्ध सबूतों की दोबारा जांच करेगी।
CBI सबसे पहले 8 जून 2020 की रात दिशा सालियान की मौत से पहले उनके मंगेतर रोहन रॉय के घर हुई पार्टी में मौजूद लोगों के बयान दर्ज करेगी। इसके अलावा उस समय की पुलिस जांच, घटनास्थल से जुड़े रिकॉर्ड, फोरेंसिक सामग्री और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
दिशा सालियान की मौत को 6 साल से ज्यादा हो गए है। समय बीत जाने के कारण इस मामले में जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुराने सबूतों की सत्यता परखने, घटनाक्रम का सही मिलान करने और गवाहों के बयानों में किसी भी तरह के विरोधाभास को पकड़ने की होगी।
हालांकि एफआईआर में विभिन्न दावों और आरोपों का उल्लेख है, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार, एफआईआर में दर्ज किसी भी बात के आधार पर किसी व्यक्ति को स्वतः आरोपी नहीं माना जा सकता।
सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जैसे-जैसे ठोस और वैज्ञानिक सबूत सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारियां तय की जाएंगी। अब पूरे देश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एसपी सीमा पाहुजा के कुशल नेतृत्व में सीबीआई की यह जांच किस दिशा में जाती है और सालों पुराने इस रहस्य से पर्दा उठ पाता है या नहीं।