मुंबई

मुंबई में जल्द सुचारु हो जाएगी पानी की आपूर्ति,युद्ध स्तर पर चल रहा डैमेज टनल का कार्य

ओम प्रकाश

मुंबई: पानी को लेकर मुंबई में मचे हाहाकार के बीच मुंबईकरों (Mumbaikars) को जल्द ही खुशखबरी मिलने वाली है। ठाणे (Thane) के किसन नगर (Kisan Nagar) में डैमेज हुई टनल (Damage Tunnel) की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। बीएमसी (BMC) ने 31 मार्च से 30 अप्रैल तक टनल रिपेयर के लिए 15 प्रतिशत पानी कटौती की घोषणा की थी। जिस कारण से मुंबई में पानी का संकट खड़ा हो गया था, लेकिन बीएमसी जल विभाग के अधिकारियों की कठोर मेहनत के कारण एक सप्ताह में ही पानी आपूर्ति सामान्य कर देने की जानकारी बीएमसी जल विभाग के अधिकारी ने दी है।

बीएमसी जल विभाग के अधिकारी ने बताया कि टनल में लीकेज के बाद बीएमसी ने मरम्मत के लिए टनल के जरिए होने वाली पानी आपूर्ति को बंद करना पड़ा था। मुंबई को पानी आपूर्ति करने वाली मुख्य टनल में होल होने के कारण बीते 30 सालों में सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया था। टनल से आपूर्ति बंद होने का असर मुंबई की पानी आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ा। मुंबई के कुछ इलाकों में मात्र आधे घंटे पानी की आपूर्ति हो रही है तो ऊंचाई पर रहने वाले नागरिकों को पानी ही नहीं मिल रहा है। मुंबई में पानी का संकट ठाणे के एक बिल्डर द्वारा खड़ा किया गया है, लेकिन राजनेताओं के दबाव में बीएमसी ने बिल्डर पर एफआईआर तक दर्ज नहीं करा सकी।

प्रतिदिन 30 लाख लीटर पानी बर्बाद हो रहा था

बीएमसी टनल प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारी ने बताया कि टनल में लीकेज के कारण प्रतिदिन 30 लाख लीटर पानी बर्बाद हो रहा था। टनल से आपूर्ति बंद करने के बाद टनल में ठाणे से मुंबई तक 200 मिलियन लीटर पानी जमा था जिसे निकालने के 100 हार्सपावर के 12 पंप लगाए गए थे। जमीन से एक किलोमीटर नीचे टनल की मरम्मत का काम आसान नहीं था। पानी निकालने में 15 दिन लगे, उसके बाद मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। 20 अप्रैल तक मरम्मत का काम भी पूरा कर दिया जाएगा। मरम्मत का काम पूरा होने के मुंबई में पानी आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

...तो इस कारण हो रही थी 15 प्रतिशत पानी की कटौती

बीएमसी अधिकारी ने बताया कि मुंबई शहर और उपनगरों को आपूर्ति किए जाने वाले कुल पानी का लगभग 65 प्रतिशत पानी भांडुप वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से किया जाता है। इस प्लांट को 75 प्रतिशत जलापूर्ति  5,500 मिमी व्यास की 15 किमी लंबी वॉटर टनल के माध्यम से होती है। इस दौरान पानी को वैकल्पिक चैनलों के माध्यम से भांडुप वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है, लेकिन वैकल्पिक साधन के जरिए टनल जितना पानी सप्लाई करना संभव नहीं है। इस कारण से 15 प्रतिशत पानी की कटौती करना पड़ा।

 टनल रिपेयर के बाद मुंबईकरों को मिलेगी राहत

मुंबई में प्रतिदिन 3,600 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि मुंबई को 5,000 मिलियन लीटर पानी की जरूरत है। बीएमसी द्वारा आपूर्ति किए जाने वाला पानी का 15 प्रतिशत नुकसान हो जाता है। जिसमें लीकेज, पाइप फटने, बड़े टैंकर माफिया, बिल्डर द्वारा पानी चोरी, बीएमसी की लाइन से पानी चोरी कर वाहनों की धुलाई करना आदि शामिल है। इस कारण से मुंबई को पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती है। इन समस्याओं के बावजूद टनल रिपेयर के बाद मुंबईकरों को पानी की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

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