मीरा भाईंदर मनपा (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

15 साल से अधर में लटका Mira Bhayandar ST Depot, नागरिकों ने फिर उठाई आवाज

Mira Bhayanadar में प्रस्तावित हाईटेक एस.टी. डिपो 15 साल से फाइलों में अटका है। जमीन तैयार होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं हुआ, नागरिकों ने सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

अपूर्वा नायक

Mira Bhayandar ST Depot मीरा भाईंदर के नागरिकों का सत्र अब टूटने लगा है। पिछले 15 वर्षों से फाइलों में दबी भाईंदर पश्चिम में रेलवे स्टेशन के सामने एस टी डिपो निर्माण की मांग को लेकर अब शहरवासियों ने आवाज तेज कर दी है।

पूर्व नगरसेवक अजीत पाटिल ने राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को पत्र भेजकर एस।टी। डिपो के निर्माण और बंद पड़ी एस।टी। बस सेवाओं को दोबारा शुरू करने की पुरजोर मांग की है।

डिपो के लिए जमीन तैयार, पर सरकार खामोश!

भाईंदर पश्चिम में रेलवे स्टेशन के ठीक सामने 4।90 हेक्टेयर जमीन (सर्वे क्र। 338, आरक्षण क्र। 57) पहले ही राजस्व विभाग से एस।टी। महामंडल को सौंपी जा चुकी है। फिर भी डिपो का निर्माण आज तक शुरू नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह शहर महाराष्ट्र का हिस्सा नहीं, कोई भुला हुआ कोना लगता है।

कभी चलती थीं पुणे, चिपलून, श्रीवर्धन तक बसें, अब सब बंद!

एक समय था जब भाईंदर से दापोली, चिपलून, तुलजापुर, श्रीवर्धन, कोल्हापुर, पुणे (स्वार्गेट) जैसी जगहों के लिए एस।टी। बसै चलती थी। आज हालात ये है कि यात्रियों को गांव जाने के लिए बोरीवली या ठाणे तक का सफर तय करना पड़ता है। भाईंदर से बसे तो बंद है, पर बोरीवली और ठाणे से बसे पकड़ने जाने में किराया और परेशानी दोनों बढ़ रहे हैं।

सरकार और मीरा-भाईंदर मनपा का उपक्रम

बता दें कि दिसंबर 2024 में मीरा भाईंदर शहर में हाईटेक एस। टी। डिपो बनाए जाने का निर्णय परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार और मनपा के तत्कालीन आयुक्त संजय श्रीपतराव काटकर तथा शहर अभियंता दीपक ख़ांवित की संयुक्त बैठक में लिया गया था।

इसका निर्माण राज्य सरकार और मीरा भाईंदर महानगरपालिका द्वारा संयुक्त रूप किए जाने की जानकारी मंत्री सरनाईक ने दी थी। उन्होंने बताया था कि आरक्षित भूमि के 7400 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के भूखंड पर निर्माण किया जा सकता है।

यहां पर 60 प्रतिशत क्षेत्रफल पर 80 हजार वर्गफुट का निर्माण किया जाएगा। बाकी के 40 हजार वर्गफुट के मिरा-भाईंदर महानगर क्षेत्रफल का भूखंड राज्य परिवहन की बस और मीरा भाईंदर मनपा परिवहन की बसों के पार्किंग के लिए रिक्त रखा जाएगा। निर्माण किए हुए 80 हजार वर्गफुट की जगह में से 40 हजार वर्गफुट महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल को दी जाएगी, 10 हजार वर्गफुट मीरा भाईंदर मनपा अपने उपयोग के लिए रखेगी और 30 हजार वर्ग फुट की जगह उत्तन के मछुआरों को मत्स्य व्यवसाय के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।

जिसकी कुल अनुमानित लागत 136 करोड़ रुपए होगी, लेकिन मनपा की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ नहीं होने के कारण राज्य सरकार से अनुदान दिलाने का आधासन भी मंत्री सरनाईक ने मनपा प्रशासन को दिया था, लेकिन प्रत्यक्ष में अभी तक इस कार्य का मुहूर्त नहीं निकला है।

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