सांसद सुप्रिया सुले (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई

न कोई प्रस्ताव मिला और न ही विलय का सवाल, NDA में जाने की खबरों पर सुप्रिया सुले का जवाब, राकां शरद पवार की है

Supriya Sule ने राकां के एनडीए में जाने और दोनों राकां के विलय की अटकलों को खारिज कर कहा कि मीडिया की बातों में सच्चाई नहीं। उन्होंने आंगनबाड़ी व स्कूलों के पोषण आहार की जांच की मांग भी की।

आलोक उमाकृष्ण

Supriya Sule Rejects NCP NDA Merger: राकां शरदचंद्र पवार पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी के एनडीए में शामिल होने और दोनों राकां के विलय की अटकलों पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है।

एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने साफ कहा है कि जब उन्हें सत्ता पक्ष या एनडीए की तरफ से कोई प्रस्ताव ही नहीं मिला है, तो इस मुद्दे पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है।

विलय की अटकलें बेबुनियाद

सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी पूरी ताकत से काम कर रही है। इसलिए किसी के साथ विलय या सत्ता में जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि मीडिया में चल रही चर्चाओं में कोई सच्चाई नहीं है।

कई बार बिना किसी बात के अफवाहें फैलाई जाती हैं। उन्होंने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का उदाहरण दिया, जिन पर आरोप लगे लेकिन बाद में क्लीन चिट मिल गई।

सुले का सत्ता पक्ष पर निशाना

विलय की अटकलों पर सुप्रिया सुले ने स्पष्ट कहा कि राकांपा एक ही है और उसके संस्थापक व अध्यक्ष शरद पवार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी को गलत तरीके से शरद पवार से छीन लिया गया। सुले ने कहा कि देश संविधान के अनुसार चलता है, किसी व्यक्ति की इच्छा या मनमर्जी से नहीं।

उन्होंने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता की सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती। सुले ने संकेत दिया कि उनकी पार्टी अपने राजनीतिक रुख और विचारधारा पर कायम है। उन्होंने विलय या सत्ता में शामिल होने की चर्चाओं को निराधार बताते हुए पार्टी के स्वतंत्र अस्तित्व को लेकर स्थिति स्पष्ट की।

आंगनबाड़ियों, स्कूलों में पोषण आहार की हो जांच

सांसद सुप्रिया सुले ने रविवार को मांग की कि आंगनबाड़ियों और जिला परिषद स्कूलों में दिए जाने वाले निम्न गुणवत्ता के पोषण आहार की गंभीर जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपने के बजाय महाराष्ट्र की जनता को जवाब देना चाहिए।

बच्चों के भोजन की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों की जांच में कोई हर्ज नहीं है। कमियों को तुरंत सुधारा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री को इस मामले में राजनीति से ऊपर उठकर कार्रवाई करनी चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने भीमाशंकर में विकास कार्यों के बावजूद श्रद्धालुओं को हो रही असुविधा पर चिंता जताई। वे इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भीमाशंकर विकास योजना की समीक्षा करेंगी।

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