Sudhir Mungantiwar On Uddhav Thackeray: दिल्ली में आयोजित विपक्षी दलों की INDIA गठबंधन की महाबैठक में उद्धव ठाकरे ने भाजपा की 'एक देश, एक चुनाव' की नीति पर निशाना साधते हुए कहा था कि सत्तारूढ़ दल अब 'एक पार्टी, एक चुनाव' की ओर बढ़ रहा है। ठाकरे ने गठबंधन के साथियों को सचेत करते हुए कहा कि इस बड़ी चुनौती का मुकाबला करने के लिए 'इंडिया' गठबंधन को तुरंत अपना प्रधानमंत्री पद का चेहरा और एक मजबूत समन्वयक नियुक्त करना चाहिए। उद्धव ठाकरे की इस राजनीतिक सलाह पर भाजपा के फायरब्रांड नेता सुधीर मुनगंटीवार ने नागपुर में मीडिया से बात करते हुए जोरदार हमला बोला और विपक्षी एकता को एक छलावा करार दिया।
मुनगंटीवार ने साफ कहा कि 'इंडिया' गठबंधन के भीतर प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने का साहस ही नहीं है। उद्धव ठाकरे ने गठबंधन को जो सुझाव दिया है वो असल में आधी रात में सूर्योदय कराने की कोशिश मात्र है।
वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने विपक्षी खेमे को चुनौती देते हुए कहा कि यदि 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं में जरा सा भी दम या कोई आशंका है, तो वे तुरंत अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम घोषित करके दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही किसी एक नाम पर मुहर लगेगी, गठबंधन ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगा। मुनगंटीवार के अनुसार, अन्य क्षेत्रीय दलों की बात तो बहुत दूर है, खुद कांग्रेस पार्टी के ही कई सांसद इस फैसले के विरोध में गठबंधन का साथ छोड़कर चले जाएंगे। यही वजह है कि यह गठबंधन सिर्फ हवा-हवाई बातें कर रहा है और हकीकत से मुंह चुरा रहा है।
उद्धव ठाकरे के बयानों की कड़ी आलोचना करते हुए मुनगंटीवार ने उनके प्रस्ताव की तुलना एक अजीबोगरीब कल्पना से कर दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को एकजुट करने और सर्वसम्मति से नेता चुनने की उद्धव ठाकरे की कोशिशें वैसी ही हैं, जैसे कोई व्यक्ति भगवान से प्रार्थना करे कि वह आधी रात को सूरज उगा दे। जिस तरह रात में सूरज का निकलना प्रकृति के नियमों के खिलाफ और नामुमकिन है, ठीक उसी तरह स्वार्थ की राजनीति पर टिके इस गठबंधन में एक चेहरे पर सहमति बनना भी पूरी तरह असंभव है। बैठक में ममता बनर्जी को 'शेरनी' बताने पर भी उन्होंने चुटकी ली।
पार्टी कार्यकर्ताओं और देश की जनता का आभार जताते हुए सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि आज का दिन भारतीय जनता पार्टी के उन कार्यकर्ताओं के लिए ऐतिहासिक है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संगठन को मजबूत बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश को खुशहाल, समृद्ध, विश्व प्रसिद्ध, भयमुक्त और नक्सल मुक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि पंडित जवाहरलाल नेहरू और नरेंद्र मोदी दोनों ही अपने युग के महान नेता हैं। दोनों ने अपने समय की परिस्थितियों के अनुरूप भारत को आगे ले जाने का कार्य किया है, इसलिए इन दोनों की आपस में कोई नकारात्मक तुलना नहीं होनी चाहिए।