मुंबई स्लम (सौ. सोशल मीडिया ) 
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Mumbai में स्लम क्लस्टर पुनर्विकास योजना लागू, सरकार ने जारी किया जीआर

Mumbai में स्लम क्लस्टर पुनर्विकास योजना लागू की गई है। 50 एकड़ से बड़े क्षेत्रों का एसआरए द्वारा रीडेवलपमेंट होगा। लंबित प्रोजेक्ट्स को गति और झोपड़पट्टी धारकों को बेहतर आवास की उम्मीद की जा रही है।

अपूर्वा नायक

Slum Cluster Scheme: मुंबई को स्लम-मुक्त शहर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन अब झोपड़पट्टियों के अच्छे दिन आने वाले हैं। लटकी परियोजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार ने 'स्लम क्लस्टर पुनर्विकास योजना' लागू करने का फैसला किया है।

स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) को इस योजना का नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्रफल वाली जमीन पर 51 प्रतिशत या उससे अधिक झोपड़पट्टी है, तो उसका क्लस्टर पुनर्विकास किया जाएगा, सरकार ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।

राज्य सरकार ने हाल ही में कैबिनेट में मुंबई में स्लम क्लस्टर पुनर्विकास का निर्णय लिया था। इस संबंध में गृह निर्माण विभाग ने गुरुवार को जीआर जारी किया। इस योजना के कार्यान्वयन के लिए स्लम मालिक की सहमति की आवश्यकता नहीं होगी।

पुरानी खतरनाक उपकर इमारतें भी इसमें शामिल होंगी। इस योजना में निजी, सरकारी या अर्ध-सरकारी भूमि शामिल हो सकती है। पुरानी खतरनाक इमारतें, चालें, किरायेदार इमारतें, उपकर वाली इमारतों को इसमें शामिल कर उनका रीडेवलपमेंट किया जा सकता है।

उच्च स्तरीय समिति करेगी क्षेत्र का अनुमोदन

शासनादेश के अनुसार एसआरए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को स्लम क्लस्टर क्षेत्र का निर्धारण करना होगा। कलस्टर क्षेत्र को एक उच्च-स्तरीय समिति द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। इस उच्च-स्तरीय समिति के अध्यक्ष गृह निर्माण विभाग के सचिव होंगे, जबकि नगर विकास विभाग, बीएमसी आयुक्त, - एसआरए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और भूमि के स्वामित्व वाले सार्वजनिक प्राधिकरण के प्रतिनिधि सदस्य होंगे।

निविदाओं से होगी डेवलपर्स की नियुक्ति

सरकारी एजेंसियां संयुक्त उत्चम या निविदाओं के माध्यम से निजी डेवलपर्स की नियुक्ति कर सकती है। यदि किसी डेवलपर के पास क्लस्टर क्षेत्र का 40 प्रतिशत हिस्सा है, तो वह योजना को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित कर सकता है, यदि गैर-स्लम क्षेत्रों में स्थित इमारती को क्लस्टर पुनर्विकास में शामिल किया जाना है, तो डेवलपर इसके लिए विकास अधिकार प्राप्त करने के लिए जिम्मेदार होगा। इस योजना के तहत आरक्षित क्षेत्र के लिए अतिरिक्त एफएसआई या टीडीआर प्रदान किया जाएगा।

8 लाख घरों का रीडेवलपमेंट

लंबित पड़ी स्लम रीडेवलेपमेंट परियोजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार ने इस साल जुलाई महीने में एसआरए को सभी झोपडपट्टियों का बायोमेट्रिक सर्वेक्षण 31 दिसंबर 2025 तक पूरा करने का आदेश दिया था। लगभग 8 लाख 3 हजार 950 झोपडी धारकों का बायोमेट्रिक सर्वे नहीं हो सका है।

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