महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कांग्रेस पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया।
अमित शाह के कोलकाता भाषण का हवाला देकर राहुल गांधी की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए।
चव्हाण ने कहा कि चुनावी हार के बाद आरोप लगाने के बजाय कांग्रेस आत्ममंथन करे।
चव्हाण ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में बिखराव होने का दावा किया।
Maharashtra Politics BJP vs Congress: महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कांग्रेस पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता में दिए गए भाषण को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए चव्हाण ने राहुल गांधी और कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के बाद ईवीएम और वोट चोरी के आरोप लगाने के बजाय कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए।
चव्हाण ने अपनी पोस्ट में कहा कि कांग्रेस की राजनीति सुविधा के अनुसार रंग बदलने वाली है। उन्होंने दावा किया कि कुछ राज्यों में लंबे समय तक कांग्रेस का मुख्यमंत्री नहीं रहा, लेकिन वहां उसके सहयोगी दलों की सरकारें थीं। चव्हाण के मुताबिक, वोट चोरी का आरोप लगाने वाले राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता इन परिस्थितियों पर बात नहीं करेंगे।
यह बयान अमित शाह के उस भाषण के संदर्भ में आया, जो उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल की बैठक के दौरान दिया था। शाह ने अपने संबोधन में विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की सत्ता से दूरी का उल्लेख किया था।
रवींद्र चव्हाण ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी को अपनी हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए और दावा किया कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस को लगातार चुनावी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
चव्हाण ने यह भी कहा कि विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ में बिखराव के संकेत दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, यह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का राजनीतिक आकलन है।
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर चुनावी नतीजों के बाद ईवीएम को लेकर अलग-अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है, तब ईवीएम पर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन भाजपा की जीत के बाद मशीनों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए जाते हैं।
रवींद्र चव्हाण ने कांग्रेस से चुनावी हार के कारणों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उनका कहना है कि पार्टी को यह समझना चाहिए कि मतदाता उसे सत्ता में वापस क्यों नहीं देखना चाहते।
कांग्रेस की ओर से इन ताजा आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आने पर राजनीतिक बहस के दूसरे पक्ष को भी समझा जा सकेगा। फिलहाल, चव्हाण के बयान ने भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी प्रक्रिया तथा विपक्ष की रणनीति को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप को फिर चर्चा में ला दिया है।