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29.6 किलोमीटर लंबे डबल ट्रैक उपनगरीय रेल प्रोजेक्ट को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की ओर से वित्तपोषित यह परियोजना मुंबई शहरी परिवहन प्रोजेक्ट MUTP-III का हिस्सा है।
सभी 9 बड़े पुल, 35 छोटे पुल, 5 ROB, 16 RUB और तीनों सुरंगों का प्रमुख निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
Mumbai Railway Vikas Corporation: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों पर बढ़ते दबाव को कम करने की दिशा में एक बड़ी राहत जल्द मिलने जा रही है। पनवेल-कर्जत के नए उपनगरीय कॉरिडोर पर महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल कर लिया है।
मुंबई रेलवे विकास निगम (MRVC) के माध्यम से मुंबई शहरी परिवहन प्रोजेक्ट (MUTP-III) 3 के तहत हुए इस डबल ट्रैक लोकल रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट का भौतिक कार्य 99 प्रतिशत पूरा हो गया है। प्रोजेक्ट को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
29.6 किमी लंबे इन नए रेल कॉरिडोर से एमएमआर लोकल नेटवर्क मजबूत होगा। इस बहुउद्देश्यीय प्रोजेक्ट पर केंद्र व राज्य सरकार 2,782 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। इससे मुंबई से नवी मुंबई और कर्जत-रायगढ़ के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी। पनवेल और कर्जत के बीच एक वैकल्पिक उपनगरीय रेल मार्ग उपलब्ध हो जाएगा।
एमआरवीसी के अनुसार प्रोजेक्ट के तहत प्रमुख सिविल निर्माण कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। अब तक सभी 9 बड़े पुल, 35 छोटे पुल, 5 रोड ओवर ब्रिज (ROB), 16 रोड अंडर ब्रिज (RUB) और पनवेल व कर्जत में दोनों रेल फ्लाईओवर का निर्माण पूरा कर लिया गया है। कॉरिडोर की तीनों सुरंगों में खुदाई, अंतिम लाइनिंग और बैलास्टलेस ट्रैक बिछाने का काम भी पूरा हो चुका है। सुरंगों के भीतर विद्युत और यांत्रिक प्रणालियों से जुड़े कार्य अभी जारी हैं।
रेल ट्रैक बिछाने का काम भी अंतिम चरण में है। परियोजना में कुल 69.70 किलोमीटर ट्रैक लिंकिंग के मुकाबले 68.70 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। इसी लंबाई में बैलास्ट बेड तैयार करने और ट्रैक संबंधी कार्य भी पूरे कर लिए गए हैं। पुणे एक्सप्रेसवे रोड अंडर ब्रिज के नीचे ट्रैक लिंकिंग पूरी हो चुकी है। इसके अलावा पनवेल, चौक और मोहपे स्टेशनों पर आवश्यक ट्रैक संशोधन और पॉइंट इंसर्शन का काम भी पूरा किया गया है।
स्टेशन विकास के मोर्चे पर भी महत्वपूर्ण प्रगति हासिल हुई है। नया पनवेल स्टेशन भवन पहले से ही परिचालन में है, जबकि चिखले और मोहपे स्टेशनों के भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। चौक स्टेशन पर भवन और सबवे का काम पूरा हो गया है। यहां प्लेटफॉर्म शेल्टर और स्टेशन के आसपास के सर्कुलेटिंग एरिया का विकास जारी है। वहीं, कर्जत स्टेशन पर प्लेटफॉर्म विकास, स्टेशन भवन, ढके हुए प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, सीढ़ियां, एस्केलेटर और अन्य यात्री सुविधाओं से संबंधित कार्य उन्नत चरण में हैं।
रेल परिचालन को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए सिग्नलिंग कार्यों में भी तेजी आई है। परियोजना में सिग्नलिंग का लगभग 95 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है। मोहपे और चौक स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के फैक्ट्री एक्सेप्टेंस टेस्ट (FAT) और साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट (SAT) सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। दूरसंचार और अन्य संबंधित प्रणालियों का काम भी प्रगति पर है।
एमआरवीसी के मुख्य प्रबंधक (कॉरपोरेट कॉर्डिनेशन) सुनील उदासी ने बताया कि पनवेल-कर्जत लोकल कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत बड़े सिविल इंजीनियरिंग के काम ज़्यादातर पूरे हो चुके हैं।
आवश्यक निजी और सरकारी भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। जरूरी वन भूमि का कब्जा भी प्राप्त हो चुका है और वन क्षेत्र में ट्रैक निर्माण के लिए आवश्यक फॉर्मेशन कार्य पूरे कर लिए गए हैं। परियोजना के लिए जरूरी वन संबंधी मंजूरियां भी हासिल कर ली गई हैं। प्रोजेक्ट को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
MRVC के अनुसार परियोजना को 2026 के अंत तक कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी - CRS की सुरक्षा जांच के लिए तैयार किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जांच पूरी होते ही इस रूट पर लोकल ट्रेनें चलाना शुरू हो जाएंगी।
पनवेल-कर्जत रेल कॉरिडोर के शुरू होने से यात्रियों को कर्जत की ओर जाने के लिए एक वैकल्पिक लोकल रेल मार्ग मिलेगा। इससे मध्य रेल के मौजूदा लोकल नेटवर्क पर परिचालन का दबाव कम करने में काफी मदद मिलेगी। नवी मुंबई, रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में आवासीय विकास, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने वाली है।