मालेगांव प्रदर्शन में लगे टीपू वाली आजादी के नारों के बाद महाराष्ट्र में सियासी पारा चढ़ा।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार इसके समर्थन में आए।
नितेश राणे ने विजय वडेट्टीवार पर तीखा हमला बोला।
मंत्री नितेश राणे ने सवाल उठाया कि क्या वडेट्टीवार की शुरुआती पढ़ाई किसी मदरसे में हुई है?
नितेश राणे ने पूछा कि मालेगांव में ज्ञानेश कुमार का टीपू सुल्तान से क्या संबंध है।
Nitesh Rane on Vijay Wadettiwar and Tipu Sultan Slogan Controversy: नासिक जिले के मालेगांव में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान लगे नारों ने राज्य के सियासी पारे को उबाल पर ला दिया है। मालेगांव प्रदर्शन के दौरान 'हमें चाहिए आजादी, टीपू वाली आजादी' जैसे विवादित नारे लगाए गए थे। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता और विधायक विजय वडेट्टीवार इसके समर्थन में आ गए। इसके बाद मंत्री नितेश राणे ने विजय वडेट्टीवार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि वे किसी मदरसे में पढ़े हों, इसीलिए उन्हें टीपू सुल्तान से इतना ज्यादा लगाव और प्यार है।
विजय वडेट्टीवार ने कहा कि यदि किसी आंदोलन या प्रदर्शन के दौरान कोई व्यक्ति किसी ऐतिहासिक शख्सियत या तस्वीर का इस्तेमाल करता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रद्रोही या नक्सली करार नहीं दिया जाना चाहिए। वडेट्टीवार के इस बयान के सामने आते ही सत्ताधारी महायुति गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोल दिया है।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे ने तीखा हमला बोला है। वडेट्टीवार पर तंज कसते हुए नितेश राणे ने कहा कि हमें यह जांचना होगा कि विजय वडेट्टीवार किस स्कूल में पढ़े हैं। उनके शुरुआती स्कूल का सर्टिफिकेट देखना पड़ेगा। हो सकता है कि वे किसी मदरसे में पढ़े हों, इसीलिए उन्हें टीपू सुल्तान से इतना ज्यादा लगाव और प्यार है।
नितेश राणे ने मालेगांव में हुए इस विरोध प्रदर्शन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मालेगांव में आयोजित यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा था।
नितेश राणे ने सवाल दागते हुए कहा कि मालेगांव में जो विरोध प्रदर्शन हुआ, वह चुनाव आयोग के खिलाफ बताया गया था और उसमें ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। उन्होंने पूछा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का टीपू सुल्तान से क्या संबंध है? उसमें आजादी मांगने का क्या संबंध है। इससे ही इनका बुर्का फट जाता है।
नितेश राणे ने मालेगांव में हुए विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे इनके चेहरे सामने आ जाते हैं। इन लोगों को गजवा ए हिंद के माध्यम में भारत को इस्लाम राष्ट्र बनाना है। इसलिए जिस टीपू सुल्ताने ने हजारों लाखों हिंदुओं को मार डाला, उनका धर्मांतरण किया। ऐसे टीपू सुल्तान को ये लोग बड़ा करते रहेंगे और उसकी जय-जयकार करते रहेंगे, तो ये हमारे देश के विरूद्ध है।
मंत्री नितेश राणे ने कहा कि इन लोगों को हमारे देश का बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान नहीं मानना है। इनको हमारे देश में शरिया लाना है, इसलिए ये लोग अलग-अलग तरीके से भौंकने का काम करते हैं।