Mumbai Heavy Rain Accidents: मुंबई और उसके आसपास के उपनगरीय इलाकों में चक्रवाती मानसूनी बारिश ने भारी तबाही मचानी शुरू कर दी है। बुधवार को मुंबई से सटे वसई और नवी मुंबई इलाकों से दिल दहला देने वाले हादसे सामने आए हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पालघर जिले के वसई स्थित वाघराल पाड़ा इलाके में एक नाले में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के कारण पार्किंग में खड़े कई चारपहिया और दोपहिया वाहन तिनके की तरह पानी के तेज बहाव में बह गए।
वहीं दूसरी ओर, नवी मुंबई के नेरुल इलाके में जलभराव के बीच सड़क पर फैले करंट की चपेट में आने से दो कॉलेज छात्राएं बुरी तरह झुलस गईं। इन दोनों ही घटनाओं ने मानसूनी तैयारियों और नागरिक सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वसई के वाघराल पाड़ा में बुधवार को उस समय चीख-पुकार मच गई जब लगातार हो रही भारी बारिश के कारण स्थानीय नाले का जलस्तर पलक झपकते ही अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि वहां पार्किंग क्षेत्र में खड़ी तीन मोटरसाइकिलें, एक वैगनआर और एक मारुति इको कार पानी की तेज धारा में बहने लगीं। इस भयावह मंजर को देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
इसी दौरान इको कार में सवार चंद्रकांत किनी नामक व्यक्ति ने अद्भुत सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने उफनते पानी के बीच फंसे दो अन्य नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला और उनकी जान बचाई। स्थानीय लोग चंद्रकांत के इस साहसिक कार्य की जमकर सराहना कर रहे हैं। प्रशासन ने पूरे वसई-विरार क्षेत्र में जलभराव को देखते हुए लोगों को नालों और जलमग्न सड़कों से दूर रहने की हिदायत दी है।
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नवी मुंबई में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के बीच नेरुल एलपी ब्रिज के नीचे एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर हादसा हुआ। दरअसल, ब्रिज के नीचे से गुजरने वाला एक भूमिगत बिजली का तार सड़क के ऊपर आ गया था।
भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण तार के ऊपर का सुरक्षा कवच पूरी तरह घिसकर निकल चुका था, जिससे पानी भरे रास्ते में सीधे शॉर्ट सर्किट हो रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहीं 16 से 20 वर्ष की दो कॉलेज छात्राएं पानी में फैले इस अदृश्य करंट की चपेट में आ गईं और तड़पकर पानी में गिर गईं।
बिजली के तेज झटके के कारण जब दोनों छात्राएं असहाय होकर अपनी जान बचाने के लिए चीख रही थीं, तब वहां मौजूद लोग डर के मारे पीछे हट गए। लेकिन उसी समय स्थानीय नागरिक प्रकाश राजपुरोहित ने अपनी जान की परवाह न करते हुए बहादुरी की मिसाल पेश की। उन्होंने सूझबूझ से काम लेते हुए सीधे लड़कियों को छूने के बजाय एक मोटे कपड़े और अपने छाते का इस्तेमाल किया। प्रकाश ने छाते के हैंडल से तड़प रही युवती के बैग को फंसाकर उसे करंट के दायरे से बाहर खींचा और दोनों को सुरक्षित बचा लिया।
दोनों छात्राओं को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों के मुताबिक अब उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटिल ने तुरंत नेरुल एलपी ब्रिज का दौरा कर बिजली विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई और खुले तारों को तुरंत ठीक करने के आदेश दिए।