Mumbai Pune Missing Link Potholes Video: मुंबई और पुणे के बीच के सफर को आसान और तेज बनाने के लिए तैयार किया गया महत्वाकांक्षी 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट उद्घाटन के दो महीने के भीतर ही विवादों में घिर गया है। इस बेहद आधुनिक और वैश्विक स्तर की तकनीक से बने मार्ग का लोकार्पण बीते 1 मई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथों बड़े धूमधाम से किया गया था। लेकिन, मानसून की पहली ही बारिश ने इस वर्ल्ड क्लास प्रोजेक्ट के दावों की हवा निकाल दी है। इस मार्ग पर बने देश के सबसे ऊंचे केबल-स्टेड पुल पर जगह-जगह गड्ढे उभर आए हैं।
यशवंतराव चव्हाण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) द्वारा इस कनेक्टिंग लिंक का निर्माण किया गया है। वर्तमान में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुल की शुरुआत में ही बड़े-बड़े गड्ढे साफ देखे जा सकते हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद यात्रियों की सुरक्षा और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।
इस परियोजना की सबसे बड़ी तकनीकी खासियत इसके जुड़वां सुरंग हैं, जिन्हें 'दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंग' के रूप में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। MSRDC ने दावा किया था कि घाटियों और पहाड़ों के बीच से गुजरने वाला यह रास्ता किसी भी प्राकृतिक आपदा का सामना करने में पूरी तरह सक्षम है। हालांकि, पहले ही मानसून में सड़क की यह हालत देखकर लोग प्रशासन को आड़े हाथों ले रहे हैं।
इस पूरे विवाद पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मिसिंग लिंक पर कनेक्टर के पास सिर्फ दो गड्ढे दिखाई दिए हैं, बाकी कहीं कोई गड्ढा नहीं है। कुछ लोगों को बातों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की आदत होती है। काम पूरा होने के बाद, पहली बारिश में सड़क की क्षमता और संभावित समस्याओं की जांच की जाती है, और उसके बाद ही दूसरी परत लगाई जाती है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम इस दौरान सभी जरूरी टेस्ट कर रहे हैं, क्योंकि पहली मॉनसून की बारिश को हमेशा एक टेस्टिंग फेज माना जाता है। विपक्ष का काम हमें बदनाम करने की कोशिश करना है। हमने देश के कुछ सबसे बड़े पुल और सुरंगें बनाई हैं। अगर कुछ जगहों पर कोई शिकायत सामने आई है, तो निश्चित रूप से उन्हें ठीक किया जाएगा। सीएम फडणवीस ने विपक्ष की आलोचनाओं पर तंज कसते हुए मराठी का एक मुहावरा कहा- 'निंदकाचे घर असावे शेजारी'। इसका अर्थ है निंदा करने या आलोचना करने वाले का घर पड़ोस में होना चाहिए।
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इस प्रोजेक्ट की एक अहम तकनीकी विशेषता इसकी जुड़वां सुरंगों का 'दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंगों' के तौर पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है। MSRDC ने दावा किया था कि घाटियों और खड्डों से होकर गुजरने वाला यह रूट प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने में सक्षम है। हालांकि, मानसून के पहले ही सीज़न में ये दावे खोखले साबित होते दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ तौर पर पुल की शुरुआत में ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है।