मुंबई का 337 किमी मेट्रो नेटवर्क लंदन की एलिजाबेथ लाइन की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी।
एमएमआरडीए और क्रॉसरेल इंटरनेशनल के बीच आधुनिक तकनीक पर चर्चा।
मेट्रो, बस और लोकल ट्रेन की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने पर जोर।
Mumbai Metro MMRDA UK Crossrail International: मुंबई मेट्रो अब वैश्विक स्तर की आधुनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। शहर की इस जीवनरेखा को विश्वस्तरीय बनाने के मकसद से एमएमआरडीए ने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित 'क्रॉसरेल इंटरनेशनल' के साथ अहम बैठक कर मंथन शुरू किया है।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य मुंबई में तैयार हो रहे 337 किलोमीटर लंबे विशाल मेट्रो नेटवर्क को लंदन की 'एलिजाबेथ लाइन' की तर्ज पर अत्याधुनिक, तकनीकी रूप से उन्नत और स्मार्ट रूप देना है।
यह सहयोग न केवल ट्रेनों के सुगम संचालन को सुनिश्चित करेगा, बल्कि बस, उपनगरीय रेलवे और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों को आपस में जोड़कर यात्रियों को एक निर्बाध, इंटिग्रेटेड और आरामदायक यात्रा का नया अनुभव प्रदान करेगा। मुंबई की मेट्रो को अधिक आधुनिक, तेज और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने अंतरराष्ट्रीय अनुभवों से सीख लेने की पहल की है। इसी कड़ी में एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने लंदन स्थित क्रॉसरेल इंटरनेशनल के कार्यालय का दौरा किया। यह दौरा एमएमआरडीए और क्रॉसरेल इंटरनेशनल के बीच हुए एमओयू के तहत सहयोग को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया।
बैठक में क्रॉसरेल इंटरनेशनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पॉल डायसन और वरिष्ठ अधिकारियों ने एकीकृत परिवहन व्यवस्था, आधुनिक इंजीनियरिंग प्रणालियों और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर विचार-विमर्श किया। इसी के साथ ही मुंबई के मेट्रो नेटवर्क को नई तकनीक और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की भावी रणनीति पर भी चर्चा हुई।
इसका मकसद केवल मेट्रो लाइनों का विस्तार करना नहीं, बल्कि बस, रेल और मेट्रो जैसी परिवहन सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर यात्रियों की पूरी यात्रा को आसान बनाना है। इससे मुंबई महानगर क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत करने और टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
लंदन दौरे के दौरान डॉ. मुखर्जी ने ब्रिटेन की व्यस्त रेल सेवाओं में शामिल एलिजाबेथ लाइन से यात्रा कर उसके संचालन और व्यवस्था का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। इस दौरान उन कार्यप्रणालियों को समझने पर ध्यान दिया गया, जो मुंबई के तेजी से बढ़ते मेट्रो नेटवर्क के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। इस दौरे में एमएमआरडीए के निवेश व नियोजन अधिकारी और नगर व देश नियोजन विभाग के प्रमुख डॉ. शंकर देशपांडे भी शामिल रहे।
मुंबई महानगर क्षेत्र में प्रस्तावित 337 किलोमीटर के मेट्रो नेटवर्क को शहर और आसपास के इलाकों की परिवहन व्यवस्था में बड़े बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। बेहतर तकनीक, परिवहन सेवाओं के एकीकरण और अंतरराष्ट्रीय अनुभवों के इस्तेमाल से यात्रियों को अधिक सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिल सकती है। हालांकि, लंदन दौरे में चर्चा किए गए उपायों को मुंबई शहर में लागू करने के लिए फिलहाल किसी विशिष्ट परियोजना या समयसीमा की घोषणा नहीं की गई है।