Mumbai Cluster Redevelopment Projects News: पुराने होते आवासीय ढांचे और सीमित भूमि उपलब्धता के बीच मुंबई अब क्लस्टर आधारित पुनर्विकास मॉडल के जरिए अपने शहरी स्वरूप को बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। वर्ष 2026 के पहले 90 दिनों में ही 70 डेवलपर समझौते होने से पुनर्विकास क्षेत्र में नई गति देखने को मिली है।
एक अध्ययन के अनुसार वर्ष 2031 तक पुनर्विकास परियोजनाओं से लगभग 59,000 नए घरों का निर्माण संभव है, जबकि इससे राज्य को 9,115 करोड़ रुपए का स्टांप शुल्क राजस्व प्राप्त हो सकता है।
भूमि की कमी और पुराने आवासीय ढांचे को देखते हुए मुंबई के दीर्घकालिक विकास में पुनर्विकास की भूमिका और महत्वपूर्ण होती जाएगी। - शिशिर बैजल, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, नाइट फ्रैंक इंडिया
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डीसीपीआर-2034 और स्व-पुनर्विकास नीति जैसे सुधारों - के बाद बड़े भूखंडों पर परियोजनाओं को भी गति मिली है। वर्ष 2026 में 10,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखंड कुल पुनर्विकास क्षेत्र के आधे से ज्यादा हिस्से का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि मुंबई में पुनर्विकास इमारत स्तर से आगे बढ़कर क्लस्टर आधारित और अधिक संगठित मॉडल की ओर बढ़ रही हैं।