आरोपी पुलिस की हिरासत में (फोटो नवभारत)
मुंबई

मुंबई: चेना जंगल में शिकार के दौरान खूनी खेल! गोली लगने से सफाईकर्मी की मौत, शव जलाकर सबूत मिटाने का आरोप

Illegal Hunting In Chena Forest Case: मुंबई के चेना जंगल में शिकार के दौरान गोली लगने से सफाईकर्मी की मौत हो गई। बिना पुलिस सूचना अंतिम संस्कार और फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र के आरोप में जांच जारी है।

आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • मृतक: मनपा सफाईकर्मी विजय सुखरु सप्ते (60)।

  • घायल: गोली लगने से दो अन्य लोग घायल हुए।

  • जांच का केंद्र: कथित अवैध शिकार और गोलीबारी।

  • गंभीर आरोप: पुलिस को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार।

  • कार्रवाई: डॉक्टर समेत चार-पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ।

Illegal Hunting Firing Death In Mumbai: संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील चेना जंगल में आधी रात को जंगली सूअरों के कथित अवैध शिकार के दौरान हुई गोलीबारी में मनपा के सफाईकर्मी विजय सुखरु सप्ते (60) की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पुलिस को सूचना दिए बिना मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इतना ही नहीं, मौत को घर पर दिल का दौरा पड़ने से हुआ बताने वाला कथित फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र भी बनवाया गया। काशीगांव पुलिस ने डॉक्टर समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की है।

शिकार के दौरान चली गोली

पुलिस के अनुसार, 5 से 6 लोगों का एक दल बंदूक, छर्रे और शिकार के अन्य उपकरण लेकर चेना गांव के पास जंगल में जंगली सूअरों का शिकार करने गया था। बताया जाता है कि दल में एक नाबालिग भी शामिल था। रात करीब 12 से 1 बजे के बीच बैटरी की रोशनी में शिकार के दौरान गोलीबारी हुई।

इस दौरान बेलखाड़ी पाड़ा निवासी विजय सप्ते के सीने में गोली लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कुणाल शेलार की जांघ और कल्पेश धगला के कंधे में गोली लगी। दोनों का काशीगांव स्थित आशीष अस्पताल में उपचार चल रहा है।

पहले मछली पकड़ने की कहानी सुनाई

घटना के बाद घायलों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वे मछली पकड़ रहे थे और नदी में विस्फोटक फेंकने से धमाका हुआ था, हालांकि, घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान खून के धब्बे मिलने और जांच में विसंगतियां सामने आने के बाद मुंबई पुलिस को गोलीबारी की आशंका हुई। आगे की जांच में मामला कथित अवैध शिकार से जुड़ा होने का खुलासा हुआ।

मौत छिपाने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र का आरोप

जांच में सामने आया कि विजय सप्ते की मौत को स्वाभाविक बताने के लिए एक निजी डॉक्टर से कथित तौर पर ऐसा मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाया गया, जिसमें घर पर दिल का दौरा पड़ने से मौत होने का उल्लेख था। आरोप है कि पुलिस को सूचित किए बिना तड़के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिससे पोस्टमार्टम नहीं हो सका और घटना को छिपाने की कोशिश की गई।

डॉक्टर समेत कई लोग हिरासत में

इस मामले में डॉ. राजेश पालांडे, महेश गायकर और कटोद बिस्तूर लाभद सहित चार-पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। मीरा- भाईंदर अपराध शाखा-1 और काशीगांव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राहुल कुमार पाटिल के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक सुहास कांबले मामले की आगे की जांच कर रहे हैं।

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