एमबीए सीईटी (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

CET Enterance में पहली बार शिकायत निवारण समिति, 15 दिन में होगा समाधान

Maharashtra CET Cell ने प्रवेश प्रक्रिया के दौरान छात्रों की शिकायतें 15 दिनों में निपटाने के लिए उप-समिति गठित की है और राज्यभर में हेल्प सेंटर शुरू करने की योजना बनाई है।

अपूर्वा नायक

MBA CET Cell: महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) सेल ने प्रवेश प्रक्रिया के दौरान छात्रों की शिकायतों का समाधान करने के लिए एक उप-समिति स्थापित करने का निर्णय लिया है, ऐसा पहली बार हो रहा है।

त्वरित शिकायत निवारण सुनिश्चित करने के लिए यह समिति छात्रों की शिकायत दर्ज करने के 15 दिनों के भीतर निर्णय लेगी। राज्य सीईटी सेल ने इस संबंध में जारी अधिसूचना में बताया कि यह उप-समिति महाराष्ट्र अनऐडेड प्राइवेट प्रोफेशनल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (रेगुलेशन ऑफ एडमिशन्स एंड फीस) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत गठित की जा रही है, जो सीईटी सेल को विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षाएं और केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया (कैप) आयोजित करने का अधिकार देता है।

अधिसूचना में कहा गया है कि प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विभिन्न चरणों में छात्रों, अभिभावकों या अन्य हितधारकों से कई शिकायतें प्राप्त होती हैं। प्रवेश विनियामक प्राधिकरण की प्रक्रिया में छात्रों की शिकायतों के निवारण का प्रावधान है।

तदनुसार, प्रवेश से संबंधित कोई भी शिकायत प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत की जा सकती है और इसका निर्णय 15 दिनों के भीतर तथा अंतिम प्रवेश तिथि से पहले लिया जाएगा, अधिसूचना में उप-समिति की संरचना भी बताई गई है।

प्रवेश विनियामक प्राधिकरण के उप सचिव इस समिति के अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा, संबंधित निदेशालय के एक प्रतिनिधि ( द्वितीय स्तर के समकक्ष) और प्रवेश विनियामक प्राधिकरण के एक अधिकारी सदस्य होंगे। राज्य सीईटी सेल के संबंधित विभाग के परीक्षा समन्वयक सदस्य-सचिव होंगे।

राज्य भर में हेल्प सेंटर बनाए जाने की योजना

सीईटी सेल राज्य भर में अनेक हेल्प सेंटर स्थापित करने की भी योजना बना रही है, ताकि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के दौरान आने वाली कठिनाइयों का समाधान स्थानीय स्तर पर किया जा सके। ये जिला-स्तरीय हेल्प सेंटर छात्रों को समय पर सहायता प्रदान करेंगे, जिससे उन्हें मुंबई स्थित सीईटी सेल कार्यालय तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जो राज्य भर में फैले छात्रों के लिए एक कठिन प्रक्रिया है।

MBA-CET पर भी लागू होगा प्रावधान

राज्य में कई प्रवेश परीक्षाएं आयोजित होने के कारण ये हेल्प सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पिछले सप्ताह, राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग ने घोषणा की कि अब सीईटी सेल एमएचटी-सीईटी की दो सत्रों में परीक्षा आयोजित करेगा, जैसे कि जेई मॉडल में किया जाता है, जो इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है।

जबकि एमएचटी सीईटी राज्यस्तरीय प्रवेश परीक्षा है, जिसके माध्यम से इंजीनियरिंग, फार्मेसी, कृषि आदि पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। यह प्रावधान एमबीए सीईटी पर भी लागू होगा। इसका उद्देश्य छात्रों को अपनी सुविधा के अनुसार सीईटी में उपस्थित होने का दो बार अवसर प्रदान करना है।

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