Vasai Virar Metro Project: महाराष्ट्र सरकार ने मीरा-भाईंदर से वसई-विरार तक मेट्रो-13 को मंजूरी दे दी है। इसके शुरू होने से मीरा रोड, नायगांव, वसई, नालासोपारा और विरार के यात्रियों को लोकल ट्रेनों के अलावा तेज सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा। इससे रोजाना लोकल से सफर करने वाले यात्रियों का एक हिस्सा मेट्रो की ओर जा सकेगा और पश्चिमी रेलवे की लोकल ट्रेनों पर यात्रियों का बोझ घटने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी की बैठक में लिए गए इन फैसलों से लोकल ट्रेनों पर बना अत्यधिक दबाव काफी हद तक कम होगा।
मेट्रो-13 को नायगांव, नालासोपारा और विरार के उपनगरीय रेलवे स्टेशनों से जोड़ा जाएगा। इससे वसई, विरार और नालासोपारा जैसे उपनगरीय इलाकों के यात्रियों की आवाजाही आसान होगी। यात्री लोकल से उतरकर मेट्रो और मेट्रो से लोकल में आसानी से सफर कर सकेंगे। इस मार्ग की मेट्रो-9 से भी कनेक्टिविटी प्रस्तावित है। सभी स्टेशनों पर बस सेवा उपलब्ध कराने की योजना है। इससे यात्रियों को घर से स्टेशन और आगे गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा होगी।
मेट्रो-13 की कुल लंबाई 25.03 किलोमीटर होगी। इसमें 21.78 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड और 3.25 किलोमीटर भूमिगत होगा। मार्ग पर 16 स्टेशन प्रस्तावित हैं। वर्ष 2031 तक रोजाना करीब 4.49 लाख यात्रियों के इस मेट्रो से सफर करने का अनुमान है। सड़क से यात्रा करने की तुलना में समय करीब 50 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है।
मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण यानी एमएमआरडीए इस परियोजना को तैयार करेगा। इसकी अनुमानित लागत 17,724.99 करोड़ रुपए है। मुख्यमंत्री ने अगले छह महीने में भूमि अधिग्रहण और पहुंच मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मीरा-भाईंदर से वसई-विरार क्षेत्र में रहने वाले यात्रियों के लिए अभी लोकल प्रमुख सार्वजनिक परिवहन साधन है। मेट्रो शुरू होने के बाद उन्हें एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। खासकर उन यात्रियों को फायदा होगा, जिनका सफर मेट्रो के स्टेशनों के आसपास है। निजी वाहनों का इस्तेमाल घटने से सड़कों और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की भी उम्मीद है। हालांकि लोकल की भीड़ में वास्तविक कमी मेट्रो शुरू होने के बाद यात्रियों के उपयोग पर निर्भर करेगी।