ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके व अनशन पर बैठे मनोज जरांगे (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

मराठा Vs ओबीसी: मनोज जरांगे के अनशन पर लक्ष्मण हाके का पलटवार, कहा- हक छीना तो करेंगे महाआंदोलन

Maratha Reservation: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर मनोज जरांगे के आमरण अनशन के बाद ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने रविवार से बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

आकाश मसने

Laxman Hake On Manoj Jarange Hunger Strike: महाराष्ट्र में एक बार फिर आरक्षण की आग सुलगती नजर आ रही है। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटिल ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इसके बाद ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने आक्रामक रुख अपनाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि ओबीसी समाज के अधिकारों और आरक्षण को प्रभावित करने की कोशिश की गई तो ओबीसी समाज भी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।

लक्ष्मण हाके ने दी आंदोलन की चेतावनी

ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने कहा कि मनोज जरांगे अनशन पर बैठे हैं। यदि उनका आंदोलन जारी रहता है और ओबीसी समाज के हिस्से का आरक्षण छीना जाता है, तो हम भी रविवार से पूरे ओबीसी समाज की ओर से आक्रामक आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि जरांगे मंच पर बैठकर आंदोलन कर रहे हैं, तो हम मिट्टी के ढेर पर बैठकर आंदोलन करेंगे। आंदोलन की तारीख, समय और स्थान की घोषणा रविवार सुबह पत्रकार परिषद में की जाएगी।

मराठा मंत्रालय की मांग को बताया हास्यास्पद

लक्ष्मण हाके ने मनोज जरांगे की मराठा समाज के लिए अलग 'मराठा मंत्रालय' या 'कुणबी मंत्रालय' बनाने की मांग पर भी तीखी प्रहार किया है। उन्होंने इस मांग को पूरी तरह हास्यास्पद बताते हुए कहा कि महाराष्ट्र गठन के बाद से राज्य की राजनीति में मराठा समाज का प्रभाव रहा है और अधिकांश समय सत्ता में मराठा नेताओं की ही प्रमुख भूमिका रही है। ऐसे में अलग मंत्रालय की मांग का कोई औचित्य नहीं है।

लक्ष्मण हाके ने मनोज जरांगे पर साधा निशाना

ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने कहा कि यदि हर जाति अपने लिए अलग मंत्रालय की मांग करने लगे तो शासन व्यवस्था चलाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन का उद्देश्य केवल महाराष्ट्र में अस्थिरता पैदा करना और राजनीतिक माहौल को प्रभावित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में ठेका भर्ती और निजीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाया जा रहा है। हाके के अनुसार निजीकरण के कारण सरकारी नौकरियां और आरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है, लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय समाजों को आमने-सामने खड़ा किया जा रहा है।

वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने की कीमत में मजबूती, केंद्रीय बैंक और एशियाई मांग बढ़ी, NDB रिपोर्ट में दावा

साड़ी पहन AK-47 से फायरिंग करती दिखीं IPS अंकिता शर्मा, दशहरे पर VIDEO वायरल

IMD Alert: बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर बनने के आसार, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

अंग्रेजों के उड़े होश जब नेताजी ने बनाई अपनी सरकार, जानिए 1943 का वो प्लान, जिसने बदला देश का इतिहास

जिस जनसंघ की कोख से निकली आज की BJP, उसका महाराष्ट्र और RSS से क्या था असली कनेक्शन?