प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI) 
मुंबई

महाराष्ट्र में 1 जून से तूफानी बारिश का अलर्ट; सरकार की किसानों से की ये अपील, जानें कब आएगा असली मॉनसून

Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में 1 जून से प्री-मॉनसून तूफानी बारिश की चेतावनी है। सरकार ने किसानों को जल्दबाजी में बुवाई न करने और बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी।

आकाश मसने

Weather Warnings For Farmers: महाराष्ट्र में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। राज्य सरकार ने बदलते मौसम को देखते हुए किसानों और आम नागरिकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण चेतावनी और अपील जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, 1 जून से राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और गरज के साथ तूफानी बारिश होने की प्रबल संभावना है। हालांकि, प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि इस बारिश का मुख्य मॉनसून से कोई सीधा संबंध नहीं है।

10 जून तक मॉनसून की उम्मीद नहीं

मौसम विभाग के अनुसार, मुख्य मॉनसून अभी तक केरल के तट पर भी नहीं पहुंचा है। मौजूदा मौसमी परिस्थितियों और हवा के रुख को देखते हुए यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में कम से कम 10 जून तक असली मॉनसून के दस्तक देने की कोई संभावना नहीं है। वर्तमान में होने वाली बारिश महज प्री-मॉनसून गतिविधि का हिस्सा है।

महाराष्ट्र सरकार इसे देखते हुए किसानों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। इसमें कहा गया कि राज्य के कुछ हिस्सों में 1 जून से तूफानी बारिश की संभावना है, लेकिन इसका मॉनसून से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि मॉनसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है। मौजूदा हालात को देखते हुए यह साफ हो गया है कि राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में कम से कम 10 जून तक मॉनसून के आने की संभावना नहीं है।

इन इलाकों में दिखेगा आंधी-तूफान का असर

महाराष्ट्र ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि मौसम विभाग के मुताबिक, विदर्भ, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, खानदेश और कोंकण क्षेत्र के कुछ हिस्सों में दोपहर के समय आसमान में बादल छाए रहेंगे और तूफानी बारिश होगी। हालांकि इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन पूर्वी विदर्भ के कुछ इलाकों में गर्मी का असर बना रह सकता है।

किसानों के लिए विशेष बुवाई गाइडलाइन

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को सलाह दी कि वे सिर्फ़ मॉनसून से पहले होने वाली इन तूफानी बारिशों के आधार पर बुवाई का काम शुरू करने में जल्दबाजी न करें। बुवाई की योजना तभी बनानी चाहिए, जब ठीक से और लगातार बारिश शुरू होने की पक्की जानकारी मिल जाए।

आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान खास सावधानियां बरतनी चाहिए। पेड़ों, टीन की छतों, बिजली के खंभों, ट्रांसफ़ॉर्मर या बिजली की तारों के नीचे खड़े होने से बचें। अपनी और अपने मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

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