मुंबई में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान।
पुणे में तेज धूप के बीच पारा 36 डिग्री तक जा सकता है।
नागपुर में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री रहने की संभावना।
राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने के आसार, बारिश की संभावना कम।
Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बाद अक्टूबर की गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। बुधवार, 21 अक्टूबर को मुंबई समेत राज्य के कई हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने का अनुमान है। मुंबई में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
वहीं, पुणे में भी तेज धूप के कारण दिन में गर्मी महसूस होगी, जबकि नागपुर में तापमान 33 से 34 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। सुबह और शाम के समय लोगों को अपेक्षाकृत राहत मिल सकती है।
मुंबई में आज आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है। शहर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
दिन में तेज धूप और समुद्र से आने वाली नमी के कारण उमस महसूस हो सकती है। फिलहाल बारिश की संभावना कम है। मुंबई और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को दोपहर के समय गर्मी से बचाव पर ध्यान देने की जरूरत है।
पुणे शहर में बुधवार को दिन के समय तेज धूप रहने की संभावना है। दोपहर बाद आसमान में आंशिक बादल दिखाई दे सकते हैं। उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक, शहर का अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। फिलहाल शहर के लिए किसी विशेष मौसमी चेतावनी का उल्लेख नहीं है।
विदर्भ के नागपुर शहर में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
फिलहाल उपलब्ध पूर्वानुमान में बारिश या किसी विशेष मौसमी चेतावनी के संकेत नहीं हैं। दिन में धूप निकलने से गर्मी का एहसास बना रह सकता है।
विदर्भ के कई जिलों में दिन के समय गर्मी जारी रहने की संभावना है। मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है। वहीं, कोंकण क्षेत्र में मुंबई सहित आसपास के इलाकों में उमस लोगों को परेशान कर सकती है। स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कुछ स्थानों पर बादल छा सकते हैं, लेकिन पूरे राज्य में व्यापक बारिश के संकेत नहीं हैं।
दोपहर में तेज धूप के दौरान लंबे समय तक बाहर रहने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और बच्चों तथा बुजुर्गों को गर्मी से सुरक्षित रखें। किसानों को खेतों में काम करते समय स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।