Domicile Certificate Mandatory For Driving License: महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार राज्य की परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और नई पॉलिसी लेकर आ रही है। इस नई नीति के तहत, आगामी 1 अगस्त 2026 से महाराष्ट्र के भीतर ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने और यात्री वाहन चलाने के लिए 'डोमिसाइल सर्टिफिकेट' को पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया जाएगा।
राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मंगलवार (7 जुलाई 2026) को चल रहे मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में इस नए और कड़े नियम के संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा की है। सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य में ड्राइवरों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सुरक्षित हो जाएगी।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधानसभा में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े इन नए नियमों का अंतिम प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इस प्रस्ताव को अंतिम प्रशासनिक और कानूनी मंजूरी के लिए राज्य के 'कानून और न्याय विभाग' के पास भेजा गया है।
जैसे ही वहां से इस ड्राफ्ट को जरूरी तकनीकी और विधिक मंजूरी मिल जाएगी, इसे पूरे राज्य में सख्ती के साथ लागू कर दिया जाएगा। इस नीति के लागू होने के बाद से बिना वैध निवास प्रमाणपत्र के व्यावसायिक और पैसेंजर वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे फर्जी दस्तावेजों के सहारे काम करने वालों पर रोक लगेगी।
विधानसभा सत्र के प्रश्नकाल के दौरान विधायक दिलीप लांडे द्वारा उठाए गए एक महत्वपूर्ण सवाल का जवाब देते हुए परिवहन मंत्री ने साफ किया कि सरकार राज्य भर में चल रही अवैध और गैर-कानूनी बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार इस पूरे अनियंत्रित सेक्टर को कानूनी अमलीजामा पहनाने और पूरी तरह रेगुलेट करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए एक मजबूत 'रेगुलेटरी फ्रेमवर्क' पर काम किया जा रहा है, जिससे न केवल राज्य सरकार का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए सुरक्षित और वैध रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मंत्री प्रताप सरनाईक ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि सरकार राज्य में यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और अनुशासित बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाइक टैक्सी और चार पहिया कमर्शियल वाहन चलाने वाले ड्राइवरों की सही पहचान और उनके दस्तावेजों के सत्यापन को पक्का करने के लिए यह फैसला लिया गया है।
1 अगस्त 2026 से शुरू होने वाली इस अंतिम चरण की व्यवस्था में ड्राइवरों को डोमिसाइल सर्टिफिकेट जमा करने के बाद ही आरटीओ (RTO) की ओर से आधिकारिक 'बैज' जारी किया जाएगा। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और एक भरोसेमंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम का निर्माण होगा।