महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों पर शुक्रवार को मतदान।
नागपुर, पुणे, अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर में महायुति-MVA के बीच मुकाबला।
पांच सीटों पर कुल 182 उम्मीदवार मैदान में, वोटरों को साधने में जुटे दल।
Maharashtra Politics News: महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों पर चुनाव को लेकर गुरुवार को राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महाविकास आघाड़ी ने अपने उम्मीदवारों के समर्थन में रणनीति बनाने पर जोर दिया। शुक्रवार को होने वाले द्विवार्षिक चुनाव में तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर मुकाबला होना है। इन चुनावों में उम्मीदवारों के साथ दोनों गठबंधनों की राजनीतिक ताकत पर भी नजर रहेगी।
राज्य की 78 सदस्यीय विधान परिषद की पांच सीटों के लिए मतदान निर्धारित है। चुनाव में नागपुर स्नातक, पुणे स्नातक, पुणे शिक्षक, अमरावती शिक्षक और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनावी मुकाबले में मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक लाना और अपने पक्ष में मतदान सुनिश्चित करना राजनीतिक दलों के लिए अहम माना जा रहा है।
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सुधाकर कोहले और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी सहित कुल 38 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस सीट पर मतदान के लिए 445 केंद्र बनाए गए हैं।
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कौस्तुभ गावडे, कांग्रेस के जयंत आसगांवकर, पूर्व विधायक दत्तात्रेय सावंत और निर्दलीय सचिन सानप सहित कुल 30 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। यहां 310 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की डॉ. स्मिता जाधव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अरुण लाड सहित 47 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस सीट पर 741 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे।
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के किरण सरनाईक, कांग्रेस की अदिति पोहरे, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के दत्तात्रय लहाने और शिंदे गुट से जुड़े श्रीकांत देशपांडे सहित कुल 26 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। यहां 81 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) के सतीश चव्हाण, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रतापसिंह पाटिल और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के दिलीप घुगे सहित कुल 41 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां मतदान के लिए 842 केंद्र बनाए गए हैं।
इन पांचों सीटों के चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी और उम्मीदवारों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा। नतीजों से महाराष्ट्र की राजनीतिक तस्वीर पर भी चर्चा तेज होने की संभावना है।