भारतीय रेलवे ट्रेन सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

भारतीय रेलवे की पंक्चुअलिटी में सुधार, 77 फीसदी से अधिक ट्रेनें समय पर, कोविड काल से तुलना को बताया गलत

Indian Railways Timetable: भारतीय रेलवे में पंक्चुअलिटी 77.11 फीसदी पहुंची। रेलवे ने सोशल मीडिया दावों को खारिज करते हुए कहा कि मौजूदा आंकड़ों की तुलना कोविड काल से करना गलत है।

रूपम सिंह

Highlights

  • चालू वित्त वर्ष में 77.11% ट्रेनें समय पर चल रही हैं।

  • 2018-19 में समयबद्धता 69.2% थी, जो 2025-26 में 77.43% हुई।

  • रेलवे ने बेहतर टाइमटेबल और रखरखाव को सुधार की वजह बताया।

Indian Railways Train Punctuality: भारी भीड़ और बढ़ते परिचालन दबाव के बीच रेलवे ने अपनी परफॉर्मेंस में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है, जिसका सीधा असर ट्रेनों की पंक्चुअलिटी पर देखने को मिला है। रेलवे की कड़ी निगरानी और बेहतर टाइमटेबल के चलते अब करीब 77.11 फीसदी गाड़ियां अपने तय वक्त पर दौड़ रही हैं।

वहीं, सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच रेलवे ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा पूर्ण क्षमता वाले परिचालन की तुलना कोविड काल के सीमित ट्रेन संचालन के आंकड़ों से करना पूरी तरह गलत और बेबुनियाद है।

वर्ष 2018-19 में 69.2 फीसदी ट्रेनें समय पर चल रही थीं। यह आंकड़ा वर्ष 2025-26 में बढ़कर 77.43 फीसदी पर पहुंच गया। वहीं, चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 77.11 फीसदी ट्रेनें समय पर चल रही हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों की सघन निगरानी, टाइमटेबल में सुधार, नियमित रखरखाव और बुनियादी ढांचे के विकास के कारण यह सुधार संभव हुआ है।

वर्ष 2023-24 में 73.62 फीसदी ट्रेनें समय पर चल रही थीं। इसके बाद समयबद्धता में लगातार बढ़ोतरी हुई और वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा 77.43 फीसदी तक पहुंच गया। रेलवे ने बताया कि चालू वर्ष में भी 77 फीसदी से अधिक ट्रेनें तय समय पर चल रही हैं। रेलवे ने यह दावा भी किया कि सोशल मीडिया पर संदर्भ के बिना समयबद्धता के आंकड़े पेश किए जाने से गलत निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं।

कोविड काल के आंकड़े अलग

वर्ष 2020-21 और 2021-22 के कोविड काल के दौरान काफी सीमित संख्या में मुंबई शहर ट्रेनें चल रही थी। इस वजह से उस समय समयबद्धता का प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया था। हालांकि, रेलवे ने साफ किया कि उस समय के आंकड़ों की तुलना वर्तमान में पूरी क्षमता के साथ चल रहे रेल यातायात से करना उचित नहीं होगा।

यातायात सामान्य होने के बाद आया संचालन में सुधार

कोविड महामारी के बाद रेल यातायात सामान्य होने पर ट्रेनों की समयबद्धता दीर्घकालिक औसत के करीब आ गई है। रेलवे का कहना है कि यात्रियों की भारी भीड़ के बावजूद ट्रेनों को समय पर चलाने के औसत को बनाए रखने में उसे सफलता मिली है।

यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच परिचालन की चुनौती

रेलवे के सामने ट्रेनों को समय पर चलाने के साथ-साथ बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने की चुनौती भी है। विभाग का कहना है कि बेहतर निगरानी, समय-सारिणी में बदलाव और रखरखाव संबंधी उपायों से समयबद्धता बनाए रखने में मदद मिल रही है।

मुंबई रेलवे के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2018-19 के 69.2 प्रतिशत के मुकाबले 2025-26 में समयबद्धता 77.43 प्रतिशत रही। वहीं, 2026-27 में अब तक यह 77.11 प्रतिशत दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से पिछले वर्षों की तुलना में सुधार दिखाई देता है, हालांकि चालू वित्त वर्ष का अंतिम आंकड़ा पूरे साल के परिचालन के बाद ही स्पष्ट होगा।

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