उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (फोटो नवभारत) 
मुंबई

Pandharpur Corridor: किसानों को विश्वास में लेकर होगा विकास, डीसीएम शिंदे बोले, नहीं करेंगे कोई जबरदस्ती

Pandharpur Corridor: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि पंढरपुर कॉरिडोर परियोजना किसानों और स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर ही आगे बढ़ेगी। किसी पर भी जबरदस्ती नहीं होगी।

आलोक उमाकृष्ण

Eknath Shinde On Pandharpur Corridor: आषाढी एकादशी के पावन अवसर पर पंढरपुर पहुंचे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विकास और लोकभावनाओं में संतुलन साधने का बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंढरपुर कॉरिडोर परियोजना के लिए किसानों और स्थानीय नागरिकों के साथ कोई जबरदस्ती नहीं की जाएगी, बल्कि उन्हें पूरी तरह विश्वास में लेकर ही आगे बढ़ेंगे।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महायुति सरकार आम जनता की सरकार है। पंढरपुर में हर साल वारकरियों की संख्या बढ़ रही है, जिससे मौजूदा सड़कें और जगह कम पड़ रही हैं। भविष्य की जरूरतों के लिए कॉरिडोर जरूरी है, लेकिन यहां पीढ़ियों से रहने वाले नागरिकों, किसानों और व्यापारियों पर कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

वारकरियों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार वारकरियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष पंढरपुर आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविरों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

इसके अलावा चंद्रभागा नदी में जल प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा। शिंदे ने यह भी कहा कि वारकरी महामंडळ द्वारा उठाई गई विभिन्न मांगों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ विस्तृत चर्चा कर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे भविष्य में वारकरियों को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा का लाभ मिल सके।

शक्तिपीठ महामार्ग और विपक्ष पर रुख

शक्तिपीठ महामार्ग के विरोध पर उन्होंने कहा कि समृद्धि महामार्ग की तरह ही शुरुआत में विरोध होता है, लेकिन जहां स्थानीय लोगों को दिक्कत है, वहां रूट (अलाइनमेंट) बदलने का प्रयास जारी है। वहीं, विपक्ष के 'रामरक्षा आंदोलन' पर तंज कसते हुए उन्होंने इसे राजनीतिक दिखावा करार दिया।

अंत में उन्होंने विठ्ठल के चरणों में प्रार्थना करते हुए कहा कि राज्य का किसान सुखी रहे, क्योंकि सरकारी तिजोरी पर पहला हक देश के अन्नदाता किसानों का ही है।

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