Dharavi Redevelopment Project (फोटो क्रेडिट-X) 
मुंबई

धारावी के लोगों के लिए मालाड-मालवणी में बनेगा घर, सरकार ने अडानी को आवंटित की 118 एकड़ जमीन

Adani Dharavi Project Malad Land: धारावी पुनर्विकास प्रोजेक्ट के लिए महाराष्ट्र सरकार ने मालाड-मालवणी की 118 एकड़ जमीन सौंपी। 1.5 लाख घरों के निर्माण और 10 लाख लोगों के पुनर्वास की तैयारी।

अनिल सिंह

Dharavi Redevelopment Project Master Plan: एशिया के सबसे बड़े स्लम, धारावी के कायाकल्प की योजना अब धरातल पर उतरने लगी है। महाराष्ट्र सरकार ने धारावी पुनर्विकास परियोजना (DRP) को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मालाड-मालवणी स्थित 118 एकड़ भूमि आधिकारिक तौर पर अडाणी समूह के नेतृत्व वाली डीआरपी कंपनी को सौंप दी है। यह कदम उन हजारों 'अपात्र' नागरिकों के पुनर्वास के लिए उठाया गया है, जिन्हें मुख्य धारावी क्षेत्र में घर नहीं मिल सकते थे। कुर्ला और मुलुंड के बाद मालाड वह तीसरा रणनीतिक स्थान है, जिसे इस मेगा टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए चिन्हित किया गया है।

सरकार ने इस पूरी परियोजना को सात साल की समय सीमा के भीतर पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। मालाड की इस जमीन पर आधुनिक सुविधाओं से लैस टाउनशिप बनाई जाएगी, जिससे धारावी के पुनर्विकास का रास्ता साफ हो सकेगा। इस जमीन के हस्तांतरण के साथ ही उन निवासियों के बीच व्याप्त अनिश्चितता भी कम होने की उम्मीद है, जो पुनर्वास की पात्रता को लेकर चिंतित थे।

मालाड-मालवणी में बनेगा आधुनिक टाउनशिप हब

मालाड-मालवणी के मुक्तेश्वर क्षेत्र में आवंटित 118 एकड़ भूमि का मालिकाना हक सरकार (DRP/SRA) के पास ही रहेगा, जबकि अडाणी समूह की विशेष उद्देश्य कंपनी (SPV) को केवल निर्माण का अधिकार दिया गया है। 540 करोड़ रुपये मूल्य की इस जमीन पर उन लोगों को बसाया जाएगा जो 1 जनवरी 2011 के बाद लेकिन 15 नवंबर 2022 से पहले धारावी में बसे थे। इस जमीन के लिए विकास अधिकार प्रीमियम के तौर पर 135 करोड़ रुपये पहले ही जमा किए जा चुके हैं, जो परियोजना की वित्तीय गंभीरता को दर्शाता है।

कुर्ला, मुलुंड और देवनार तक फैला मास्टर प्लान

धारावी पुनर्विकास परियोजना केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में फैली हुई है। सरकार ने पुनर्वास के लिए कुल 540 एकड़ जमीन चिन्हित की है, जिसमें कुर्ला की मदर डेयरी की जमीन, मुलुंड की साल्ट पैन लैंड और देवनार डंपिंग ग्राउंड का हिस्सा शामिल है। मास्टर प्लान के अनुसार, इन सभी केंद्रों को मिलाकर कुल 1.25 से 1.5 लाख किफायती घरों का निर्माण किया जाएगा। यह रणनीति मुख्य धारावी क्षेत्र में भीड़भाड़ कम करने और एक नियोजित शहरी ढांचे को विकसित करने के उद्देश्य से बनाई गई है।

10 लाख लोगों के पुनर्वास की विशाल चुनौती

इस परियोजना का सबसे मानवीय और जटिल पहलू लगभग 10 लाख लोगों का पुनर्वास करना है। धारावी प्रोजेक्ट के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि निवासियों को केवल घर ही न मिले, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की नागरिक सुविधाएं भी प्राप्त हों। मालाड की जमीन पर अदालत में लंबित 22 एकड़ के मामले को छोड़कर बाकी हिस्से पर निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। यदि सात साल का यह लक्ष्य हासिल होता है, तो यह न केवल मुंबई के भूगोल को बदलेगा, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े स्लम पुनर्विकास मॉडल के रूप में एक मिसाल भी कायम करेगा।

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