बीएमसी चुनाव 2026 (सोर्सः सोशल मीडिया) 
मुंबई

BMC Election: बागियों ने बिगाड़ा ठाकरे बंधुओं का गणित, एक दर्जन सीटों पर सीधी टक्कर

Maharashtra News: बीएमसी चुनाव से पहले शिवसेना (यूबीटी) और मनसे गठबंधन के बावजूद बागियों और पुराने सहयोगियों की बगावत ने उद्धव ठाकरे की रणनीति को चुनौती में डाल दिया है।

अपूर्वा नायक

BMC Election 2026: मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के प्रचार के लिए अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं। एक तरफ तो जहां उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की जोड़ी इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना चुकी है, वहीं दूसरी ओर विरोधियों के पाले में खड़े अपने पुराने साथी' दोनों भाइयों की रणनीतियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी करते नजर आ रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में हुई बगावत के बाद शिवसेना के कई सांसद, विधायकों एवं पूर्व नगरसेवकों ने ठाकरे का साथ छोड़ दिया था। लेकिन बीएमसी चुनाव में उम्मीदवारी नहीं मिलने से ऐन चुनाव से पहले कई कट्टर समर्थक पाला बदल कर ठाकरे के विरोध में खड़े हो गए हैं।

ऐसे तमाम पुराने साथियों के कारण कई वार्डों में ठाकरे बंधुओं के लिए चुनौती बढ़ गई है। ठाकरे गुट और मनसे के बीच हुए गठबंधन के कारण कई वाडों में समीकरण बदल गए हैं। कुछ बागियों ने पाला बदलकर सीधा 'धनुष-बाण' (एकनाथ शिंदे गुट) थाम लिया है, जिससे उद्धव ठाकरे की सिरदर्दी बढ़ गई है।

बगावत का झंडा बुलंद करने वालों के 29 पुराने सहयोगियों को उद्धव ने दो रोज पहले ही अपनी पार्टी शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) से निष्कासित किया है। ऐसे तमाम लोगों में से ज्यादातर अब या तो यूबीटी उम्मीदवारों के खिलाफ महायुति से या फिर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ताल ठोकते नजर आ रहे हैं। इनकी वजह से मुंबई की लगभग एक दर्जन सीटों पर महायुति (भाजपा शिंदे गुट) और महाविकास आघाड़ी (विशेषकर ठाकरे गुट) के बीच सीधी और कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।

यहां दो दलों और राजनीतिक परिवारों के बीच की लड़ाई

  • विलेपार्ले (प्रभाग 89): इस चार्ट में पूर्व सांसद विनायक राउत के बेटे मीतेश राउत (ठाकरे गुट। मैदान में हैं। उन्हें सीधी चुनौती एकनाथ शिंदे की शिवसेना के राजेश नाईक से मिल रही है। यह मुकाबला तय करेगा कि विलेपार्ले में राउत परिवार का दबदबा कायम रहता है या नहीं।
  • वर्ली (प्रभाग 199):  पूर्व महापौर की साख दांव पर ठाकरे गुट की तेजतर्सर नेता और पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर वहां से चुनाव लड़ रही है। उनके सामने शिंदे गुट ने रूपाली कुसले को उतारकर मुकाबले को चुनौतीपूर्ण वना दिया है। वर्ती आदित्य चाकरे का निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण यहां की जीत-हार के गहरे मायने होंगे।
  •  प्रभादेवी (प्रभाग 194):  सरवणकर परिवार का एक और मोर्चा प्रभादेवी में मुकाबला बहुत कड़ा है। यहां ठाकरे गुट के निशिकांत शिंदे का सामना सदा सरवणकर के बेटे समाधान सरवणकर (शिंदे गुट) से है। यहां मुकाबला केवल दो उम्मीदवारों का नहीं। बल्कि उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के वर्चस्व का भी है।
  •  विक्रोली (प्रभाग 114):  सांसद की बेटी का इम्तिहान पूर्व सांसद संजय दीना पाटिल की बेटी राजुल पाटिल (ठाकरे गुट। विक्रोली से अपनी किस्मत आजमा रही है, उनके सामने शिंदे गुट की सुप्रिया घरत डटी हुई है। यहा पाटिल परिवार की राजनीतिक विरासत की परीक्षा होगी।
  • चांदिवली (प्रभाग 163): विधायक की पत्नी मैदान में इस वार्ड में विधायक दिलीप लांडे की पत्नी शैला लांडे (शिंदे गुट। उम्मीदवार है। उनके खिलाफ ठाकरे गुट ने संगीता साचत को टिकट दिया है।

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