मुंबई: शिवसेना के नेता एवं महाराष्ट्र के मंत्री तानाजी सावंत पर निशाना साधते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने शुक्रवार को कहा कि अब समय आ गया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को ‘महायुति' से बाहर कर देना चाहिए। ‘‘एनसीपी मंत्रियों के बगल में बैठने पर उल्टी आने जैसा महसूस होने'' संबंधी बयान को लेकर मंत्री सावंत पर शरद पवार गुट ने निशाना साधा है।
शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी ने कहा कि यह अजित पवार के लिए भी ‘‘जागने और स्थिति को समझने'' का समय है। भारतीय जनता पार्टी, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी राज्य में सत्तारूढ़ ‘महायुति' गठबंधन में साझेदार हैं।
शरद पवार गुट के प्रवक्ता क्लाईड क्रास्टो ने कहा कि सावंत की टिप्पणी से पता चलता है कि महायुति को अब अजित पवार की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आरएसएस के मुखपत्र ने भाजपा से सवाल किया था कि उन्होंने अजित पवार के साथ गठबंधन क्यों किया और भाजपा काडर भी यही सवाल पूछ रहा है। क्रास्टो ने कहा कि अब शिवसेना के नेता ‘‘राकांपा नेताओं के बगल में बैठने पर उल्टी सा महसूस होने'' जैसी अपमानजनक बातें कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘अब समय आ गया है जब भाजपा धीरे-धीरे लेकिन लगातार कदम उठाकर अजित पवार को महायुति से बाहर निकाल देगी। सब कुछ ठीक नहीं है और दरारें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं।'
यह भी पढ़ें:- शरद पवार ने जेड प्लस सिक्योरिटी की इन बातों को मानने से किया इनकार, केंद्र ने बढ़ाई थी सुरक्षा
क्रास्टो ने कहा कि ‘‘अजित पवार के लिए अब समय आ गया है कि वह जाग जाएं और स्थिति को समझें।'' तानाजी सावंत ने कहा है कि वह कैबिनेट की बैठकों में एनसीपी नेताओं के बगल में बैठते हैं लेकिन बाहर आने के बाद उन्हें उल्टी आने जैसा महसूस होता है।
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री सावंत ने गुरूवार को एक कार्यक्रम में कहा कि वह एक कट्टर शिव सैनिक हैं और एनसीपी के नेताओं के साथ उनकी कभी नहीं बनी। सावंत ने कहा कि ‘‘भले ही कैबिनेट बैठकों में हम एक-दूसरे के बगल में बैठते हों, लेकिन बाहर आने के बाद मुझे उल्टी सी आने लगती है।'' एनसीपी (एसपी) के एक अन्य प्रवक्ता महेश तापसे ने दावा किया कि अजित पवार अपना आत्मसम्मान खो चुके हैं और राकांपा के साथ गठबंधन को लेकर शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। तापसे ने कहा कि ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि राकांपा में कभी अत्यधिक सम्मान पाने वाले अजित दादा सत्ता के लिए अपने स्वाभिमान से समझौता कर लेंगे।''
महेश तापसे ने कहा कि अजित पवार को सरकार में शामिल करने को लेकर शिवसेना के सदस्यों में बढ़ती बेचैनी अब सावंत की टिप्पणी से स्पष्ट रूप से सामने आ गई है। तापसे ने कहा कि ‘‘मंत्री तानाजी सावंत के बयान ने अजित दादा की राजनीतिक प्रतिष्ठा को पूरी तरह खत्म कर दिया है और फिर भी उनकी अपनी पार्टी के सदस्य चुप हैं।'' उन्होंने दावा किया कि मौजूदा हालात को देखते हुए राकांपा को महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों में 25 सीट भी नहीं मिलेंगी और इसी हताशा के कारण ऐसा अपमानजनक व्यवहार किया गया है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)