बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के आरोपी अमित कुमार की अर्जी विशेष अदालत ने खारिज की।
आरोपी ने दावा किया था कि उसे औपचारिक गिरफ्तारी से 5 दिन पहले अवैध हिरासत में रखा गया।
उसने पुलिस अधिकारियों के कॉल रिकॉर्ड, वाहन लॉगबुक और फ्लाइट मैनिफेस्ट सुरक्षित रखने की मांग की थी।
बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 को बांद्रा पूर्व में गोली मारकर हत्या की गई थी।
Baba Siddique Murder Case Special Court Amit Kumar: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी ) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में आरोपी अमित कुमार को अदालत से झटका लगा है।
एक विशेष अदालत ने उसकी उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें उसने औपचारिक गिरफ्तारी से पांच दिन पहले कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाते हुए संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और पेश करने की मांग की थी।
हरियाणा के कैथल निवासी अमित कुमार ने दावा किया था कि मुंबई पुलिस ने उसे 23 अक्टूबर 2024 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने से पांच दिन पहले ही हिरासत में ले लिया था। इस दावे के आधार पर उसने अदालत से संबंधित अधिकारियों के कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) सुरक्षित रखने का अनुरोध किया था।
इसके अलावा, आरोपी ने उसे गिरफ्तार करने के लिए कैथल पहुंची पुलिस टीम से जुड़े रिकॉर्ड, कैथल पुलिस स्टेशन के वाहन की लॉगबुक और जिस विमान से उसे मुंबई लाया गया था, उसका फ्लाइट मैनिफेस्ट भी सुरक्षित रखने तथा अदालत में पेश करने की मांग की थी।
आरोपी की अर्जी का विशेष लोक अभियोजक महेश मुले ने विरोध किया। अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि अमित कुमार को निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार गिरफ्तार किया गया था।
विशेष अदालत ने कहा कि केवल अवैध हिरासत का आरोप लगाए जाने से अदालत स्वतः जांच शुरू करने और आवेदक की मांग के अनुसार सभी रिकॉर्ड मंगाने के लिए बाध्य नहीं हो जाती।
अदालत ने यह भी पाया कि अमित कुमार की अर्जी में कथित अवैध हिरासत और इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ पर्याप्त ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए थे। इसी आधार पर रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और पेश करने की मांग खारिज कर दी गई।
बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 को मुंबई शहर के बांद्रा पूर्व इलाके में उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की जांच में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित संबंधों का पहलू भी सामने आया था।
मामले में विभिन्न आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही जारी है। अदालत का यह आदेश अमित कुमार की रिकॉर्ड संबंधी अर्जी पर है और इसे पूरे हत्याकांड के अंतिम फैसले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।