Anna Hazare RTI Protest In Mumbai Begin From July: सूचना के अधिकार (RTI) कानून में 12 जून 2026 को किए गए नए बदलावों के खिलाफ देश के वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने बेहद आक्रामक हो गए है। राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त राहुल पांडे ने इस गतिरोध को सुलझाने के लिए खुद रालेगन सिद्धि जाकर अन्ना हजारे से लंबी मुलाकात की।
हालांकि दोनों पक्षों के बीच हुई यह चर्चा पूरी तरह निष्फल साबित हुई है। मुख्य सूचना आयुक्त के साथ हुई बातचीत में कोई ठोस नतीजा न निकलने के कारण अन्ना हजारे आगामी 5 जुलाई से शुरू होने वाले अपने अनशन के फैसले पर पूरी तरह अटल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नए नियम लोकतंत्र और पारदर्शी शासन के खिलाफ हैं।
बैठक के बाद अन्ना हजारे ने अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने मांग की है कि सरकार को 5 जुलाई से पहले RTI क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ एक विशेष बैठक बुलानी चाहिए। अगर इस बैठक में जनता के हित में सही निर्णय लिया जाता है, तो ही वे अपने अगले कदम पर विचार करेंगे। ऐसा न होने की स्थिति में उन्होंने 5 जुलाई से आमरण अनशन शुरू करने की स्पष्ट चेतावनी सरकार को दी है।
अन्ना हजारे ने नए नियमों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आरटीआई कानून आम जनता के अधिकारों के लिए होना चाहिए, न कि अधिकारियों के हितों की रक्षा के लिए। यदि सरकार ने हमारी उम्मीदों के अनुरूप सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन के अलावा उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचेगा।
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अन्ना हजारे से मुलाकात के बाद मुख्य सूचना आयुक्त राहुल पांडे ने बताया कि उन्होंने पारदर्शी प्रशासन और आरटीआई की धारा 4(1) के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की है। पांडे ने साफ किया कि वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कोई आधिकारिक संदेश लेकर नहीं आए थे।
अन्ना के पत्र पर अंतिम फैसला केवल सरकार और अन्ना हजारे के बीच ही होना है। इसके बाद अब पूरे राज्य की नजरें इस बात पर टिक गई हैं कि सरकार 5 जुलाई से पहले कोई बीच का रास्ता निकालती है या यह संघर्ष और तेज होगा।