संजय राउत (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
मुंबई

जयचंद की बदौलत जीती बीजेपी! हार के बाद संजय राउत ने तख्तापलट की दी धमकी, बोले- सदन में हमारे 105 लोग

Sanjay Raut Jaychand Remark: संजय राउत का बड़ा आरोप। "जयचंदों की वजह से जीती भाजपा।" बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद राउत ने हार स्वीकार की पर गद्दारों पर साधा निशाना।

प्रिया जैस

Sanjay Raut News: बीएमसी चुनाव 2026 के नतीजों में भाजपा की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जीत और उद्धव ठाकरे गुट की हार के बाद, शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत का तीखा बयान सामने आया है। उन्होंने हार के लिए "भीतरघात" और "जयचंद" (गद्दारों) को जिम्मेदार ठहराया है।

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत कहते हैं, "पूरे महाराष्ट्र के नतीजे आ गए हैं, लेकिन हमने राज्य की राजधानी मुंबई पर ज़्यादा ध्यान दिया था। भारतीय जनता पार्टी ने हमसे ज़्यादा सीटें जीती हैं, इसलिए उनका उम्मीदवार मेयर बनेगा। हालांकि, हमारी पार्टी में जिन्होंने जयचंद जैसा काम किया, उसका फ़ायदा BJP को हुआ।"

बीएमसी में यूबीटी की हार का कौन जिम्मेदार?

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने बताया, "अगर जयचंद नहीं होते, तो भारतीय जनता पार्टी की 100 पीढ़ियां भी मुंबई में मेयर की सीट नहीं जीत पातीं।"

गाड़ियों पर जूते फेंकेंगे - राउत

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बारे में अपने ट्वीट पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा, "बीजेपी 'जयचंद' बनाकर जीतती है। नहीं तो बीजेपी की क्या ताकत है? हर राज्य में, हर शहर में, वे हर पार्टी को तोड़ते हैं और चुनाव जीतने के लिए 'जयचंद' बनाते हैं। वे ज़ीरो के बराबर हैं। डिप्टी चीफ मिनिस्टर की क्या ताकत है? जब तक वे सत्ता में हैं, लोग उन्हें सलाम करेंगे; नहीं तो लोग उनकी गाड़ियों पर जूते फेंकेंगे।"

बीएमसी नतीजों पर बोले संजय राउत

BMC नतीजों पर उन्होंने कहा, "चीफ मिनिस्टर के तौर पर उनके पास असीमित ताकत है; उनके पास पुलिस है, उनके पास कई और लोग और संसाधन हैं, उनके पास पैसा है, उनके पास सब कुछ है। अगर कोई और चीफ मिनिस्टर होता, तो भी नतीजे वही होते। सबसे बड़ी लड़ाई मुंबई में थी। हमें यह नहीं मानना ​​चाहिए कि बीजेपी मुंबई में जीत गई। यह बराबरी का मामला है।"

मनसे की सीटों पर संजय राउत ने कहा, "MNS को कम सीटें मिलीं; उन्हें लगभग 15 सीटें मिलनी चाहिए थीं, मुझे ऐसा लगता है। हम 10 से 15 सीटें बहुत कम अंतर से हार गए। लेकिन BMC में विपक्ष की ताकत सत्ताधारी पार्टी के बराबर है। हमारे 105 लोग अंदर हैं। ये लोग क्या करेंगे? वे मुंबई को बेच नहीं सकते। हम वहां बैठे हैं। अगर हमारी जान भी चली जाए, तो भी हम इन ठेकेदारों का राज खत्म कर देंगे।"

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