अजित पवार और अंजली दमानिया (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

Ajit Pawar पर जमीन लेनदेन का गंभीर आरोप, दमानिया कोर्ट जाने की तैयारी में

Anjali Damania ने अजीत पवार पर 69 कंपनियों और संदिग्ध जमीन सौदों से जुड़े होने का आरोप लगाया। पुणे डीएम पर कार्रवाई न करने का भी दावा किया है। अब दमानिया कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगी।

अपूर्वा नायक

Anjali Damania On Ajit Pawar: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने उन पर कई कंपनियों और संदिग्ध जमीन सौदों से जुड़े होने का गंभीर आरोप लगाया है।

दमानिया ने दावा किया कि वर्ष 2016 में अजीत से जुड़ीं कुल 69 कंपनियां थीं जिनमें कथित तौर पर बड़े पैमाने पर भूमि लेन-देन किए गए। एक इंटरव्यू में दमानिया ने कहा कि पवार परिवार की कई कंपनियों में केवल जमीनों की खरीद-बिक्री होती रही है जिनमें तलेगांव, मुलशी और बारामती क्षेत्रों की जमीनें प्रमुख हैं।

उनका आरोप है कि इन सौदों की प्रक्रिया, जमीनों का चयन और उनके मूल्य को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि वे इस पूरी जानकारी को संकलित कर एक विस्तृत याचिका दाखिल करने की तैयारी में हैं। दमानिया ने सुजय एग्रो, सुतारा एग्रो और एसएपी जैसी कंपनियों का भी उल्लेख किया जिन्हें उन्होंने अजीत पवार और उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार से जुड़ा बताया।

उनका यह भी दावा है कि 'राज' (आरएजे) नाम से कई कंपनियां पंजीकृत हैं।जिनमें अजीत समेत अन्य व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में एक बांध के पास निजी फार्म हाउस और उससे सटे इलाकों की जमीनों को लेकर जिस तरह चर्चा होती थी, उस पर कभी कोई कठोर जांच नहीं हुई।

पुणे के जिलाधिकारी को पद से हटाने की मांग

इसी बीच, दमानिया ने पुणे के जिलाधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए, उन्होंने कहा कि कोरेगांव पार्क भूमि गैरव्यवहार मामले में जिलाधिकारी की विस्तृत जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कार्रवाई नहीं की। उनका दावा है कि मई में एक निजी कंपनी अमेडिया (ए.एम.ई.डी.आई.ए.) के मार्फत जमीन सौदा करने के बाद जून में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया पर जमीन खाली करने का दबाव बनाया गया।

इस संबंध में बीएसआई ने जिलाधिकारी को पत्र भी भेजा था लेकिन आरोप है कि जिलाधिकारी ने इस मामले की जानबूझकर अनदेखी की। दमानिया ने माग की है कि पुणे जिले के जिलाधिकारी को इस मामले में स्वयं इस्तीफा दे देना चाहिए अन्यथा उन्हें उनके पद से हटा दिया जाना चाहिए।

सिंचाई घोटाला, शिखर बैंक का घोटाला, - जरांडेश्वर घोटाला माफ हो गया, ईडी ने जब्त की गई चीजें वापस लौटा दी। अजीत यार के इन घोटालों की लिस्ट देखकर तन-बदन में आग लग जाती है।

- अंजली दमानिया सामाजिक कार्यकर्ता

कोर्ट जाने की तैयारी

दमानिया ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में सरकार ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रही है, इसलिए अब वे न मामले को अदालत में ले जाने की तैयारी कर रही हैं। उनके इन आरोपों से राज्य की राजनीति में हड़कंप 5 मच गया है लेकिन अभी तक अजीत पवार या सरकारी अधिकारियों की ओर से इन मदावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया बासामने नहीं आई है।

Delhi Protest Live: भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की तरह हो गई है दिल्ली, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले अभिजीत दिपके

October Bank Holiday: 17 से 21 अक्टूबर तक बैंक बंद, जानें किन राज्यों में रहेंगी छुट्टियां? देखें पूरी लिस्ट

Exclusive: CBI जांच के बीच राज्यपाल कैसे? गुरदीप सप्पल ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर उठाए सवाल

भारत में रहने के लिए कब और कैसे ले सकते हैं OCI Card, जानें नियम और हासिल करने का तरीका

SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का CEC को नोटिस, बिना नाम लिए राहुल गांधी को फटकार