Abu Azmi On Love Jihad Law Controversy: देश में त्योहारों के मौसम, बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और महाराष्ट्र में लव जिहाद के खिलाफ लाए जा हरे कानून को लेकर समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र ईकाई के अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने न केवल आगामी होली के त्योहार पर अपनी शुभकामनाएं दीं, बल्कि देश की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने के लिए कुछ खास अपील भी की है।
अबू आजमी ने कहा कि हिंदू भाइयों का हमारे साथ आने का हमेशा स्वागत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें एक-दूसरे के त्योहारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इफ्तार में शामिल हो सकते हैं और हमारे साथ होली मना सकते हैं। हमें मिलजुल कर रहना चाहिए, यही हमारे देश का कल्चर है। हालांकि, उन्होंने त्योहार के दौरान मर्यादा का ध्यान रखने की भी सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को रंग लगवाने में कोई समस्या या झिझक हो, तो उसे इसके लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उनका स्पष्ट संदेश है कि होली का त्योहार खुशी से मनाएं, लेकिन किसी को भड़काने के इरादे से नहीं।
महाराष्ट्र में लव जिहाद और धर्म परिवर्तन के खिलाफ कानून बनाने की खबरों के बीच अबू आजमी ने बड़ा बयान दिया है। सपा नेता ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों पर भी बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने धर्म परिवर्तन और विवाह के संवेदनशील मुद्दों पर बोलते हुए कहा कि भारतीय संविधान 18 वर्ष से ऊपर के प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद से जीवन जीने का अधिकार देता है।
आजमी ने कहा कि 18 साल की उम्र के बाद कोई भी इंसान बदल सकता है, अपने धर्म को माने और अपनी मर्ज़ी से शादी करे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह सच है कि अक्सर माता-पिता नहीं चाहते कि उनके बच्चे उनकी मर्ज़ी के खिलाफ शादी करें, लेकिन अंततः संविधान ही नागरिकों को यह अधिकार और सुरक्षा प्रदान करता है।
यह भी पढ़ें:- मुंबई-गोवा हाईवे पर भारी जाम: होली के लिए कोंकण जा रहे लोगों की 3 KM लंबी कतार, जानें कब तक मिलेगी राहत?
राजनीतिक मोर्चे पर, अबू आजमी ने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल की रिहाई पर उन्हें विशेष रूप से बधाई दी। हालांकि, बधाई के साथ-साथ उन्होंने एक राजनैतिक नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि राजनीति अच्छी होनी चाहिए और दूसरों पर बेबुनियाद आरोप लगाने से बचना चाहिए।
उन्होंने गठबंधन की राजनीति की अस्थिरता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि समय आने पर सभी दल एक साथ आते हैं और गठबंधन बनाते हैं, लेकिन बाद में दिए जाने वाले बयानों में स्पष्टता और जिम्मेदारी होनी चाहिए।