कोंकण रेलवे लाइन हुई शुरू (नवभारत) 
महाराष्ट्र

कोंकण रेलवे लाइन 24 घंटे मरम्मत के बाद फिर हुई शुरू, लैंडस्लाइड के कारण पटरी पर आ गई थी मिट्टी

10 जुलाई कोंकण रेलवे के पेडने मालपे टनल में पानी भरने से यातायात 2 दिन में दूसरी बार रोकी गई थी। इस वजह से मुंबई से रवाना होने वाली कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया गया था, जबकि कुछ ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया था, जिस वजह से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी।

किर्तेश ढोबले

मुंबई. महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश का कहर जारी है। भारी बारिश की वजह से कई जगई लैंडस्लाइड की घटनाएं देखने को मिली। इस बीच रायगढ़-रत्नागिरी में लगातार बारिश की वजह से कोंकण रेलवे ट्रैक पर मिट्टी और कीचड़ आ गया था। इस वजह से कोंकण रेलवे की सेवाएं प्रभावित हो गई थी। हालांकि, 24 घंटे लगातार काम के बाद कोंकण रेलवे के कर्मचारियों ने रत्नागिरी के दीवानखावती सुरंग के पास रविवार दोपहर गिरे पेड़ और मिटटी को हटाने में सफलता हासिल की और यातायात फिर से शुरू की गई।

बताया जा रहा है कि कोंकण रेलवे की सेवाएं प्रभावित होने की वजह से  24-25 घंटे के बीच यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई यात्री ट्रेन में फंसे हुए थे, जिन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचने के लिए एमएसआरटीसी ने अतिरिक्त बसें चलाई। साथ ही राज्य के उद्योग मंत्री और रायगढ़-रत्नागिरी के संरक्षक मंत्री उदय सामंत ने यात्रियों से मुलाकात की और इन यात्रियों के लिए भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था की।

कई ट्रेनों को किया गया रद्द और डाइवर्ट

मिली जानकारी के अनुसार, करीब 100 मजदूरों की मदद से ट्रैक से मिट्टी हटाने का काम शुरू किया गया था। लेकिन लगातार बारिश के कारण ट्रैक पर लगातार मिट्टी और कीचड़ बह रहा था, जिससे यह काम चुनौतीपूर्ण हो गया था। कोंकण लाइन रुकने की वजह से चिपलून में बड़ी संख्या में यात्रियों की भीड़ उमड़ गई थी। रत्नागिरी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन यात्री फंसे हुए हैं। कोच्चिवेल्ली एक्सप्रेस भी कई घंटों तक चिपलून स्टेशन पर खड़ी रही। जबकि मुंबई की ओर जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस सावंतवाडी स्टेशनों पर थी। यही वजह रही कि कई ट्रेनों को रद्द किया गया तो कइयों को डायवर्ट किया गया था। इसलिए कोंकण रेलवे ने एसटी प्राधिकरण से यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष बसें जारी करने का अनुरोध किया।

लोग एसटी बसों से पहुंचे घर

विभिन्न स्टेशनों पर फंसे यात्रियों को एसटी बसों के माध्यम से उनके गंतव्यों तक पहुंचाया गया। चिपलून स्टेशन से 15 और खेड़ से 10 बसें रवाना की गईं। मुंबई की ओर जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस के सावंतवाड़ी में रुकने वाले यात्रियों के लिए कोंकण रेलवे प्रशासन ने 16 बसों की मांग की। ऐसे में मंगलुरु एक्सप्रेस के कांकावली में रुकी ट्रेन के यात्रियों के लिए 17 बसों की मांग की गई । साथ ही, मंगला एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए कुडाल में और मत्स्यगंधा एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए वैभववाडी में विशेष बसें उपलब्ध कराई गईं। सावंतवाड़ी, वेंगुर्ला, कांकावली, देवगढ़ आगर से विशेष बसों की व्यवस्था की गई थी। एसटी कॉर्पोरेशन ने बताया कि मांडवी एक्सप्रेस और दिवा पैसेंजर के यात्रियों के लिए मुंबई के लिए रत्नागिरी स्टेशन से 40 बसें, चिपलून स्टेशन से 18 बसें और खेड़ स्टेशन से 10 बसें उपलब्ध कराई गई।

1 हफ्ते में दूसरी घटना

10 जुलाई कोंकण रेलवे के पेडने मालपे टनल में पानी भरने से यातायात 2 दिन में दूसरी बार रोकी गई थी। इस वजह से मुंबई से रवाना होने वाली कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया गया था, जबकि कुछ ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया था, जिस वजह से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। याद दिला दें कि यह समस्या भी भारी बारिश के कारण वाटरलॉगिंग और मिटटी के जमा होने की वजह से ही हुई थी।

हमें सुरक्षा के मद्देनज़र यह लाइन बंद करनी पड़ी। लेकिन ट्रैक को साफ़ करने का काम युद्धस्तर पर किया गया और लाइन फिर से शुरू की गई। - मनोज कुमार झा, सीएमडी, कोंकण रेलवे

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