अवैध बालगृह पर महिला व बाल विकास विभाग की कार्रवाई (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
गढचिरोली

अवैध बालगृह पर महिला व बाल विकास विभाग की कार्रवाई, 91 बालक-बालिकाओं को किया रिहा

Gadchiroli Child Home: गडचिरोली के नागेपल्ली गांव में अवैध बालगृह पर महिला व बाल विकास विभाग की कार्रवाई, 91 बालकों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया।

आंचल लोखंडे

Gadchiroli News: महिला एवं बाल विकास आयुक्तालय के निर्देशानुसार गडचिरोली जिले के अहेरी तहसील अंतर्गत नागेपल्ली स्थित आशीर्वाद हॉस्टेल को अवैध रूप से संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई। इसी क्रम में मंगलवार को महिला एवं बाल विकास विभाग ने उक्त संस्था पर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान 49 लड़कियां और 42 लड़के, इस प्रकार कुल 91 बालकों को रिहा कर सुरक्षित रूप से शासन-मान्य छात्रावासों में दाखिल किया गया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा एवं अहेरी के उपविभागीय अधिकारी तथा सहायक जिलाधिकारी कुशल जैन के मार्गदर्शन में की गई।

इस कार्रवाई में जिला महिला व बाल विकास अधिकारी ज्योति कडू, अहेरी तहसीलदार एवं तहसील बाल संरक्षण समिति अध्यक्ष बालाजी सोमवंशी, बाल कल्याण समिति सदस्य दिनेश बोरकुटे, जिला परिवीक्षा अधिकारी विनोद पाटिल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी अविनाश गुरनुले, समाजसेवी जयंत जथाडे, तथा क्षेत्र कार्यकर्ता निलेश देशमुख समेत जिला बाल संरक्षण कक्ष की टीम शामिल थी।

नागेपल्ली गांव का मामला

बाल न्याय अधिनियम 2015, सुधार अधिनियम 2021 तथा महाराष्ट्र राज्य बाल न्याय नियम 2018 के अनुसार, बिना उचित पंजीयन और मान्यता के कोई भी संस्था बालकों का संगोपन नहीं कर सकती। संबंधित हॉस्टेल के पास आवश्यक पंजीयन प्रमाणपत्र नहीं होने की पुष्टि के बाद यह कार्रवाई की गई। अधिनियम की धारा 42 के तहत, ऐसे संस्थानों का संचालन करने वालों के विरुद्ध कारावास और वित्तीय दंड का प्रावधान है।

स्थल निरीक्षण और पंचनामा

महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने अहेरी तहसीलदार की उपस्थिति में नागेपल्ली स्थित हॉस्टेल का स्थल निरीक्षण किया। जांच के दौरान 48 लड़कियां और 42 लड़के, कुल 90 से अधिक बालकों की उपस्थिति पाई गई। संस्था के पास किसी भी प्रकार का वैध पंजीयन न होने के कारण अधिकारियों ने पंचनामा कर सभी दस्तावेज अपने कब्जे में लिए।

बालकों का पुनर्वसन

संस्था की 49 लड़कियों को खमनचेरू स्थित सरकारी आश्रमशाला में तथा 42 लड़कों को अहेरी स्थित एकलव्य आश्रमशाला में दाखिल किया गया। यह कार्रवाई अहेरी पुलिस की सहायता से की गई, और बालकों के संरक्षण की संपूर्ण जिम्मेदारी विभाग ने संभाली है।

मामले की समीक्षा हेतु बुधवार को अहेरी में बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी बालकों को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ज्योति कडू ने कहा कि, “बालकों के संरक्षण और कानून के पालन के लिए ऐसे अवैध संस्थानों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक तहसील में सर्वेक्षण कार्य भी शुरू कर दिया गया है।”

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