नाग नदी सुरक्षा दीवार का कार्य अधूरा 
महाराष्ट्र

Nagpur News: प्यास लगने पर कुआं खोद रहा प्रशासन; बारिश सिर पर और नाग नदी सुरक्षा दिवार कार्य आधा - अधूरा

नाग नदी की सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य कछुआ चाल चल रहा है। अब बारिश सिर पर है और नाग नदी को सिर्फ खोदकर रख दिया गया है। दीवार नहीं बनने से खतरनाक स्थिति बन सकती है।

सोनाली चावरे

नागपुर: बारिश पूर्व तैयारी की लेटलतीफ कार्यप्रणाली के चलते इस बार भी सिटी में बाढ़ जैसी नौबत आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। नदी, नालों-नालियों की सफाई पर तो ध्यान दिया गया है, लेकिन वह भी आधा-अधूरा। आश्चर्य की बात यह कि जिस नाग नदी के प्रवाह पर बाधा होने के चलते बीते 2 वर्ष तक सिटी की अनेक बस्तियों में बाढ़ आ गई थी। उसी नाग नदी की सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य कछुआ चाल से चल रहा है। हालत यह है कि केवल 6 मजदूर ही कार्य करते नजर आ रहे हैं।

नदी के बीचोबीच मलबा-मिट्टी का पहाड़ खड़ा कर दिया गया है। राकां अजीत पवार गुट के पदाधिकारी अभिनव फटिंग ने आशंका जताई कि नगर प्रशासन के इस लेटलतीफ कार्य के चलते शहर में फिर बाढ़ की स्थिति निर्मित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन प्यास लगने पर कुआं खोदने जैसा कार्य कर रहा है। अधिकारियों को लोगों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है।

डूब गया था अंबाझरी परिसर

26 जुलाई, 2023 को अतिवृष्टि के चलते अंबाझरी तालाब ओवरफ्लो हो गया था। यहां से पानी नाग नदी से निकलता है, लेकिन प्रवाह में अनेक बाधा होने के चलते नदी भी ओवरफ्लो हो गई थी। अंबाझरी, रामदासपेठ, शंकरनगर, सीताबर्डी सहित अनेक बस्तियों में घरों व दुकानों में पानी गले तक भर गया था। इससे नागरिकों का करोड़ों का नुकसान हुआ था। बीते वर्ष भी अतिवृष्टि के दौरान दक्षिण नागपुर में जम्बूदीपनगर का नाला ओवरफ्लो होने, बेसा रोड सीमेंट रोड के बिना प्लानिंग निर्माण का दुष्परिणाम नागरिकों को भुगतना पड़ा था।

फटिंग ने कहा कि इस बार तो मानसून समय से पहले ही पहुंच गया है। मुंबई, पुणे में 2 दिनों में 350 मिमी बारिश हुई जिससे बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं मानसून जिस तरह का रूप दिखा रहा है उससे संभावना है कि नागपुर में भी उसकी एंट्री अतिवृष्टि से होगी। ऐसे में अनियोजित कार्य मुसीबत बनेगा।

एक वर्ष क्या कर रही थी मनपा

पिछले वर्ष बाढ़ की स्थिति से मनपा ने कोई सबक नहीं लिया। पूरे एक वर्ष उसके पास उपाययोजना का नियोजन करने का समय था लेकिन अब बारिश सिर पर है और नाग नदी को खोदकर रख दिया गया है। दीवार नहीं बनने से खतरनाक स्थिति बन सकती है। बर्डी में कैनल रोड के समीप सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए प्रवाह को रोका गया है लेकिन कार्य अब तक कम्प्लीट नहीं किया गया है। भारी बारिश हुई तो कैनल रोड से सटे बर्डी परिसर के घरों व दुकानों में पानी भरने की आशंका है। उन्होंने मौसम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल दागा कि मुंबई, पुणे, बारामती में अतिवृष्टि होने वाली थी लेकिन विभाग ने अलर्ट जारी नहीं किया। अगर किया गया होता तो हालात संभाले जा सकते थे।

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