कुल जुर्माना: 25 हजार रुपये।
कार्रवाई: तीन नलधारकों पर दंड लगाया गया।
दो स्थान: होटल गुरजस और वेंटाजियो परिसर में कार्रवाई।
आयुक्त के निर्देश: अमोल येडगे के आदेश पर निरीक्षण।
आगे की योजना: पूरे शहर में अभियान तेज होगा।
Water Wastage Fine Municipal Action: छत्रपति संभाजीनगर में पीने के पानी की बर्बादी करने वालों के खिलाफ महानगरपालिका प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार सुबह तीन नलधारकों पर कार्रवाई कर कुल 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पीने के पानी का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे के आदेश पर विशेष दल ने बुधवार सुबह शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया।
इस दौरान एसएससी बोर्ड परिसर स्थित होटल गुरजस और उस्मानपुरा के वेंटाजियो परिसर में बड़े पैमाने पर पीने के पानी की बर्बादी सामने आई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए दोनों संबंधित नलधारकों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा एक अन्य स्थान पर भी कार्रवाई की गई। तीनों मामलों में कुल 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
छत्रपति संभाजीनगर में पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए महानगरपालिका प्रशासन की ओर से गठित विशेष दल ने निरीक्षण और कार्रवाई अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अभियान में उपअभियंता मिलिंद भामरे, दल प्रमुख रोहित इंगले, कनिष्ठ अभियंता विक्रांत सावंत और सुमित बोराडे शामिल रहे।
इनके साथ अनधिकृत नल खोज दल तथा नागरिक मित्र दल के कर्मचारियों ने भी विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया। अभियान का उद्देश्य पीने के पानी के दुरुपयोग की पहचान करना और जिम्मेदार नलधारकों के खिलाफ कार्रवाई करना था।
महानगरपालिका प्रशासन की ओर से ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रखने की तैयारी है, ताकि पानी की बर्बादी पर रोक लगाई जा सके और नागरिकों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े।
महानगरपालिका प्रशासन ने चेतावनी दी है कि शहर में पानी की बर्बादी और दुरुपयोग किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में निरीक्षण अभियान को पूरे शहर में और तेज किया जाएगा। प्रशासन ने नागरिकों से पानी का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और उसकी बर्बादी रोकने की अपील की है।