संभाजीनगर मनपा ने पांच हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों के लिए डिजिटल पहचान बनाने का बड़ा निर्णय लिया है।
खतरनाक सफाई कार्यों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक मशीनों और यांत्रिक उपकरणों का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
कर्मचारियों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनका सामाजिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
Sambhajinagar Sanitation Workers Digital Identity: सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मानजनक जीवन और सामाजिक कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत मनपा और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट के बीच मंगलवार, 13 अक्टूबर को समझौता हुआ। इस पहल के अंतर्गत पांच हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों की डिजिटल जानकारी तैयार की जाएगी।
इसके माध्यम से कर्मचारियों की सामाजिक, आर्थिक और व्यावसायिक आवश्यकताओं का आकलन कर उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही खतरनाक सफाई कार्यों में मशीनों का उपयोग बढ़ाने और शहर की मलजल प्रबंधन व्यवस्था को अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।
समझौते पर स्मार्ट सिटी कार्यालय में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यवाही पूरी की गई। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य सफाई कर्मचारियों को सुरक्षित कार्यस्थल, सम्मानजनक वातावरण और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही शहर की स्वच्छता तथा मल जल प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
परियोजना के अंतर्गत पांच हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जाएगी। इसमें उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति, व्यावसायिक आवश्यकताओं, समस्याओं और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित जानकारी संकलित की जाएगी। इस जानकारी के आधार पर कर्मचारियों की जरूरतों का आकलन कर उन्हें पात्रतानुसार सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
इस पहल से कर्मचारियों की वास्तविक जरूरतों को समझने, उनकी समस्याओं की पहचान करने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने में सहायता मिलने की अपेक्षा है।
सफाई कर्मचारियों को कार्यस्थल पर अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं तथा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेष रूप से जोखिम भरे सफाई कार्यों में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों पर ध्यान दिया जाएगा।
सीवर और मलजल से जुड़े खतरनाक कार्यों में यांत्रिक उपकरणों का उपयोग बढ़ाने की योजना है। इससे कर्मचारियों को जोखिम पूर्ण परिस्थितियों में सीधे काम करने की आवश्यकता कम करने और कार्यप्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिल सकती है।
समझौते के अंतर्गत सफाई कर्मचारियों के लिए आदर्श सुविधा केंद्र विकसित करने की भी योजना है। इन केंद्रों में विश्रामगृह, स्वच्छतागृह और मनोरंजन सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का विचार है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को स्वस्थ, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना है, ताकि उन्हें काम के दौरान बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना न करना पड़े।
इसके अतिरिक्त आपातकालीन सफाई इकाई की स्थापना, विशेष प्रशिक्षण और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी काम किया जाएगा।
यह परियोजना केवल सफाई कर्मचारियों के कल्याण तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से छत्रपति संभाजीनगर शहर की ठोस कचरा प्रबंधन और मलजल व्यवस्था को भी अधिक सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। व्यवस्था की कार्यक्षमता सुधारने, आधुनिक तकनीक अपनाने और सुरक्षित सफाई पद्धतियों को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
समझौते के अवसर पर संभाजीनगर मनपा आयुक्त अमोल येडगे, उपायुक्त एवं ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के प्रमुख नंदकिशोर भोंबे, मुंबई स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट की वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक उत्कर्षा कवडी, अवनी मुले, मनीषा भालेराव, अभिलाष खोब्रागड़े, स्वच्छता अधिकारी सचिन भालेराव तथा शहर समन्वयक किरण जाधव और चेतन वाघ उपस्थित थे।
इस पहल से सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और सम्मानजनक जीवन को प्राथमिकता देते हुए शहर की स्वच्छता एवं मल जल प्रबंधन व्यवस्था को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में काम किए जाने की अपेक्षा है।