कमजोर और बिना अनुमति लगे होर्डिंग की पहचान कर कार्रवाई होगी।
अवैध विज्ञापन फलक हटाने और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माने के निर्देश।
खुली जमीनों का रिकॉर्ड तैयार कर स्वामित्व दर्शाने वाले फलक लगाए जाएंगे।
Hoardings Encroachment Action Plan: छत्रपति संभाजीनगर में नागरिकों की जान जोखिम में डालने वाले कमजोर और अवैध होर्डिंग के खिलाफ महानगरपालिका प्रशासन अब सख्ती करने जा रहा है। इमारतों और मकानों पर लगे खतरनाक होर्डिंग की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा।
सड़कों पर कब्जा जमाए बैठे अनधिकृत विज्ञापन फलक भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। इतना ही नहीं, अतिक्रमण की शिकायतों को केवल नोटिस जारी कर बंद करने वाले अधिकारियों को भी आयुक्त अमोल येडगे ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि मौके पर समस्या का समाधान करना होगा।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर को हुई बैठक में आयुक्त ने वार्ड अधिकारियों को नागरिकों की सुरक्षा और महानगरपालिका की संपत्ति बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए।
शहर की विभिन्न इमारतों और मकानों पर लगाए गए होर्डिंग की सुरक्षा जांच की जाएगी। कमजोर, जर्जर और बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग की अलग-अलग सूची तैयार होगी। जांच में खतरनाक पाए जाने वाले होर्डिंग को हटाने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
होर्डिंग गिरने से किसी नागरिक की जान पर संकट न आए, इसके लिए अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। प्रशासन का उद्देश्य संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
शहर की सड़कों के किनारे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की ओर से बड़े-बड़े विज्ञापन फलक लगाए गए हैं। इनकी वजह से यातायात और नागरिकों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। महानगरपालिका विज्ञापन फलक के आकार को लेकर नियम निर्धारित करने की तैयारी कर रही है।
हालांकि, नियम तय होने की प्रतीक्षा किए बिना अनधिकृत फलक हटाने के निर्देश दिए गए हैं।निजी शिक्षण संस्थानों, विद्यालयों और महाविद्यालयों के आसपास सड़कों पर लगाए गए विज्ञापन फलक भी जांच के दायरे में रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जुर्माना लगाने सहित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अतिक्रमण से संबंधित शिकायतों की समीक्षा के दौरान आयुक्त अमोल येडगे ने अधिकारियों से अब तक हुई कार्रवाई का ब्योरा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को नोटिस जारी कर देना शिकायत का समाधान नहीं है। जहां अतिक्रमण हुआ है, वहां वास्तविक कार्रवाई कर उसे हटाना और शिकायत का निपटारा करना जरूरी है।
कुछ स्थानों पर एक ही प्रकार की शिकायतें बार-बार आने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि शिकायतकर्ता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समस्या से वास्तविक राहत मिले।
छत्रपति संभाजीनगर मनपा की खुली जमीनों पर अवैध कब्जे और बनावटी दस्तावेजों के आधार पर स्वामित्व का दावा किए जाने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कदम उठाने का निर्णय लिया है।
आयुक्त ने अधिकारियों को महानगरपालिका की खुली जमीनों की पहचान कर उनका अभिलेख तैयार करने और संबंधित स्थानों पर स्वामित्व दर्शाने वाले फलक लगाने के निर्देश दिए। इससे सार्वजनिक जमीनों पर अनधिकृत कब्जे रोकने और महानगरपालिका की संपत्ति को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
आयुक्त के सख्त निर्देशों के बाद अब वार्ड अधिकारियों के सामने खतरनाक होर्डिंग हटाने, अवैध विज्ञापन फलक पर कार्रवाई करने और अतिक्रमण की शिकायतों का वास्तविक समाधान करने की चुनौती है। कार्रवाई कितनी प्रभावी होती है, इस पर शहरवासियों की नजर रहेगी।