निर्माण कार्यों में नल, कुएं और बोरवेल के बजाय STP का उपचारित पानी इस्तेमाल करने के निर्देश।
उपचारित पानी मुफ्त मिलेगा, लेकिन टैंकर का खर्च बिल्डरों को उठाना होगा।
6 क्षेत्रों में टैंकर बढ़ाने और पार्किंग की जगह अवैध निर्माण पर कार्रवाई के निर्देश।
STP Water Use Construction Rules: शहर में गहराते जलसंकट के बीच छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने निर्माण कार्यों में पेयजल के इस्तेमाल पर सख्ती करने के निर्देश दिए हैं।
स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये ने बिल्डरों को निर्माण के लिए नल, कुएं और बोरवेल के पानी के बजाय सांडपानी शोधन केंद्र (एसटीपी) के उपचारित पानी का उपयोग करने को कहा है। यह पानी मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन टैंकर की व्यवस्था और उसका खर्च निर्माण व्यवसायियों को स्वयं उठाना होगा।
मकरिये ने गुरुवार 15 अक्टूबर को नगर रचना, जलापूर्ति और शहर अभियंता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर ये निर्देश दिए। शहर में बड़ी संख्या में निर्माण कार्य जारी हैं। कई स्थानों पर इमारतों के निर्माण के लिए पेयजल स्रोतों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
ऐसे में पानी की बर्बादी रोकने और उपलब्ध पेयजल को नागरिकों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एसटीपी के उपचारित पानी के उपयोग की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया। इमारतों में पार्किंग के लिए आरक्षित जगह पर अवैध निर्माण का मुद्दा भी बैठक में उठा।
पार्किंग स्थल पर निर्माण होने से रहवासियों के वाहन सड़कों पर खड़े होते हैं और यातायात बाधित होता है। अनिल मकरिये ने निर्देश दिए कि भोगवटा प्रमाणपत्र जारी करने से पहले पार्किंग की उपलब्धता और नियमों के पालन की जांच की जाए। पार्किंग की जगह पर अवैध निर्माण पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
छत्रपति संभाजीनगर शहर के जिन इलाकों में जलापूर्ति का नेटवर्क पर्याप्त नहीं है, वहां नागरिकों को राहत देने के लिए महानगरपालिका ने टैंकरों से पानी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसमें पडेगांव, मिटमिटा, सातारा-देवलाई, चिकलथाना, सुंदरवाड़ी और हर्सूल के प्रभावित क्षेत्र शामिल हैं।
इन इलाकों में पानी की जरूरत और उपलब्ध आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए टैंकरों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि नागरिकों को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े।
इसके साथ ही, जिन क्षेत्रों में जलकुंभ बनकर तैयार हो चुके हैं, वहां पाइपलाइन के जरिए नियमित जलापूर्ति शुरू करने की योजना बनाने को कहा गया है। महानगरपालिका का उद्देश्य जल वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाना और नागरिकों तक पानी पहुंचाना है।