छत्रपति संभाजीनगर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर बेचने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी।
सातबारा अभिलेखों में हेराफेरी की शिकायतों की जांच कर रहा प्रशासन।
दिल्ली गेट क्षेत्र के गट क्रमांक 34 की जमीन का रिकॉर्ड तलब।
विभागीय आयुक्त कार्यालय के आसपास की जमीनों के दस्तावेज भी मांगे गए।
खिदमत मास जमीनों में कथित अनियमितताओं की जांच पर जोर।
Chhatrapati Sambhajinagar Government Land Encroachment G Shrikant action: छत्रपति संभाजीनगर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर उसे बेचने और जमीन के अभिलेखों में हेराफेरी करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने दिल्ली गेट की विवादित जमीन सहित अन्य भूखंडों के दस्तावेज तलब कर जांच के निर्देश दिए हैं।
छत्रपति संभाजीनगर, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर उसे बेचने और जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ऐसे मामलों में आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में यह स्पष्ट किया।
आयुक्त के अनुसार, शहर के कुछ क्षेत्रों में जमीन के सातबारा अभिलेखों में कथित हेराफेरी की शिकायतें सामने आई हैं। प्रशासन इन शिकायतों से जुड़ी जानकारी जुटा रहा है। सरकारी जमीनों के स्वामित्व और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।
विभागीय आयुक्त कार्यालय के आसपास और सामने स्थित जमीनों के अभिलेख जिला प्रशासन तथा जिला परिषद से मांगे गए हैं। इसके अलावा दिल्ली गेट क्षेत्र के गट क्रमांक 34 की जमीन के स्वामित्व से संबंधित संपूर्ण जानकारी भी तलब की गई है।
दस्तावेजों की जांच के बाद इन जमीनों के स्वामित्व और रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल इन भूखंडों को लेकर शिकायतों और अभिलेखों की पड़ताल की जा रही है।
सातबारा जमीन के स्वामित्व, क्षेत्रफल और अन्य राजस्व संबंधी जानकारी का महत्वपूर्ण अभिलेख होता है। इसमें कथित तौर पर गलत प्रविष्टियां करने या रिकॉर्ड में बदलाव के जरिए सरकारी जमीन पर अधिकार जताने की शिकायतों को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।
आयुक्त ने संकेत दिया कि सरकारी संपत्ति को अवैध तरीके से अपने नाम कराने या बेचने के मामलों में संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त जी. श्रीकांत ने खिदमत मास जमीनों के मामलों में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने की बात कही। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है या उसे गैरकानूनी तरीके से बेचा गया है, तो इसकी जानकारी विभागीय प्रशासन को दें।
प्रशासन का उद्देश्य सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त रखना, भूमि अभिलेखों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करना है।