छत्रपति संभाजीनगर में महावितरण के 69 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी से 11 लाख की कथित साइबर ठगी।
फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर WhatsApp वीडियो कॉल के जरिए डराया।
आधार कार्ड से सिम लेकर आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े लेन-देन की झूठी कहानी सुनाई।
RBI के नाम पर फर्जी रसीद दिखाकर रकम जमा कराने का आरोप।
FD तुड़वाकर कोटक महिंद्रा बैंक के खाते में RTGS से भेजे 11 लाख।
Chhatrapati Sambhajinagar Digital Arrest Fraud Cyber Crime: छत्रपति संभाजीनगर के हडको स्थित नवजीवन कॉलोनी में साइबर ठगों ने 69 वर्षीय सेवानिवृत्त महावितरण कर्मचारी को गिरफ्तारी का डर दिखाकर कथित तौर पर 11 लाख की ठगी की। आरोपियों ने WhatsApp वीडियो कॉल पर पुलिस अधिकारी बनकर निगरानी की और RBI जांच के नाम पर रकम ट्रांसफर कराई। मामले में सिडको पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
छत्रपति संभाजीनगर, गिरफ्तारी का डर, पुलिस की वर्दी और RBI जांच का बहाना-साइबर ठगों ने इसी तरीके से महावितरण के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को अपना शिकार बनाया। हडको स्थित नवजीवन कॉलोनी में रहने वाले 69 वर्षीय बुजुर्ग से कथित तौर पर 11 लाख की ठगी की गई। आरोपियों ने WhatsApp वीडियो कॉल के जरिए उन पर नजर रखी और जांच के नाम पर बैंक खातों की रकम एक खाते में जमा करने के लिए दबाव बनाया।
पीड़ित जनवरी 2015 में महावितरण में सीनियर ऑपरेटर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इस मामले में सिडको पुलिस थाने में साइबर ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
शिकायत के अनुसार, पीड़ित को एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि शिकायतकर्ता के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर नाशिक के रेणुका नगर में सिम कार्ड खरीदा गया है।
इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि उस सिम के जरिए मुंबई की केनरा बैंक में खाता खोला गया और उसमें करोड़ों रुपये जमा हुए हैं। इस रकम का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए किए जाने की बात कहकर बुजुर्ग को डराया गया।
कुछ ही मिनटों में पीड़ित को WhatsApp वीडियो कॉल आया। वीडियो में खाकी वर्दी पहने एक व्यक्ति ने खुद को नासिक शहर के पंचवटी पुलिस थाने का निरीक्षक संदीप राव बताया। इसके बाद एक अन्य कथित अधिकारी ने बैंक खातों में अवैध रकम जमा होने का आरोप लगाकर गिरफ्तारी की धमकी दी।
आरोपियों ने कहा कि गिरफ्तारी से बचने के लिए RBI के जरिए बैंक खातों का सत्यापन कराना होगा। इसके लिए बैंक खातों, सावधि जमा (FD) और आवर्ती जमा (RD) की रकम एक खाते में जमा करने का निर्देश दिया गया। ठगों ने RBI के नाम पर कथित फर्जी रसीद भी दिखाई।
शिकायत के मुताबिक, डर के कारण बुजुर्ग ने सिडको के एन-7 स्थित डाकघर में अपनी ₹10 लाख की सावधि जमा तुड़वा दी। इसके बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते में रकम जमा कर आरोपियों की ओर से दिए गए कोटक महिंद्रा बैंक के खाते में ₹11 लाख RTGS के जरिए ट्रांसफर कर दिए।
ठगों ने भरोसा दिलाया कि आठ से दस दिनों में जांच पूरी होने के बाद पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने पीड़ित को यह बात परिवार के किसी सदस्य को नहीं बताने की हिदायत दी।
कुछ समय बाद डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी खबर पढ़कर पीड़ित को संदेह हुआ कि उनके साथ भी इसी तरह की साइबर ठगी हुई है। इसके बाद उन्होंने सिडको पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच निरीक्षक अतुल येरमें कर रहे हैं।