कांग्रेस ने सूखाग्रस्त किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर ₹1 लाख सहायता मांगी।
राज्य के सभी किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने की मांग।
कुंभ मेले के लिए निर्धारित ₹36,000 करोड़ किसानों की राहत में लगाने की मांग।
शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना रद्द कर ₹80,000 करोड़ किसानों की कर्जमाफी के लिए इस्तेमाल करने की मांग।
पैठण गेट से शुरू हुआ मोर्चा विभागीय आयुक्त कार्यालय की ओर बढ़ा।
Chhatrapati Sambhajinagar Congress Protest Farmer Loan Waiver: मराठवाड़ा में सूखे और किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने छत्रपति संभाजीनगर में जन आक्रोश सूखा मोर्चा निकाला। प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में किसानों को प्रति हेक्टेयर 1 लाख सहायता और राज्य के सभी किसानों का पूरा कर्ज माफ करने की मांग की गई।
छत्रपति संभाजीनगर, मराठवाड़ा में सूखे की स्थिति और किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने छत्रपति संभाजीनगर में ‘जन आक्रोश सूखा मोर्चा’ निकाला। प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में निकाले गए इस मोर्चे के जरिए सूखाग्रस्त किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹1 लाख की आर्थिक सहायता देने और राज्य के सभी किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने की मांग उठाई गई।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि फसलों को नुकसान, कृषि उपज के उचित दाम नहीं मिलने और पिछले साल की उपज नहीं बिकने के कारण किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। पार्टी ने राज्य सरकार से तत्काल राहत देने और किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की।
मोर्चे के दौरान कांग्रेस ने राज्य सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखीं। पहली, सूखाग्रस्त किसानों को तत्काल प्रति हेक्टेयर ₹1 लाख की सहायता दी जाए। दूसरी, राज्य के सभी किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए।
पैठण गेट से शुरू हुआ मोर्चा विभागीय आयुक्त कार्यालय की ओर बढ़ा। इसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने हिस्सा लिया। पार्टी ने कहा कि सूखे की गंभीरता को देखते हुए सरकार को बिना देरी राहत के उपाय करने चाहिए।
हर्षवर्धन सपकाल ने सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए निर्धारित बजट पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इसके लिए 36,000 करोड़ की व्यवस्था की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस राशि का उपयोग किसानों की राहत और कर्जमाफी के लिए किया जाना चाहिए।
सपकाल ने कुंभ मेले के कार्यों में कथित भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया। ये आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने लगाए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
कांग्रेस ने शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना को रद्द करने की मांग भी उठाई। सपकाल के अनुसार, इस परियोजना पर खर्च होने वाले ₹80,000 करोड़ किसानों की कर्जमाफी के लिए इस्तेमाल किए जाने चाहिए।
पार्टी का कहना है कि किसानों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। मोर्चे के जरिए कांग्रेस ने सूखे से प्रभावित किसानों की आर्थिक स्थिति पर ध्यान देने और उनकी मांगों पर तत्काल निर्णय लेने का आग्रह किया।