औरंगाबाद ग्रेजुएट इलेक्शन; जी. श्रीकांत सोर्स: सोशल मीडिया
छत्रपति संभाजीनगर

छत्रपति संभाजीनगर: औरंगाबाद स्नातक चुनाव में 3.26 लाख मतदाता, 842 मतदान केंद्र; नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

Aurangabad Graduate Election: औरंगाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 3.26 लाख मतदाता और 842 मतदान केंद्र निर्धारित हैं। जी. श्रीकांत ने प्रत्याशियों को चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी।

मनीषा बोंदरे

Highlights

  • स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 3,26,701 मतदाता और 842 मतदान केंद्र निर्धारित

  • चुनाव प्रक्रिया के लिए 350 अधिकारियों की नियुक्ति

  • मतदान से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार बंद करना अनिवार्य

  • मतदान केंद्र में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध

  • मतगणना के लिए 70 टेबल और डाक मतपत्रों के लिए एक टेबल निर्धारित

Chatrapati Sambhajinagar Aurangabad Graduate Poll Rules: छत्रपति संभाजीनगर, औरंगाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में 3,26,701 मतदाता और 842 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। विभागीय आयुक्त एवं चुनाव निर्णय अधिकारी जी. श्रीकांत ने प्रत्याशियों को चुनाव आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने, मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार बंद करने और नियमों का उल्लंघन नहीं करने की हिदायत दी।

चुनाव आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें

छत्रपति संभाजीनगर, औरंगाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को सुचारू, पारदर्शी और नियमानुसार संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने प्रत्याशियों को चुनाव आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी है। चुनाव निर्णय अधिकारी एवं विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने प्रत्याशियों से मतदान प्रक्रिया में सहयोग करने और मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने की अपील की।

सोमवार को चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने बताया कि निर्वाचन क्षेत्र में कुल 3,26,701 मतदाता हैं और मतदान के लिए 842 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए 350 अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

पहचान-पत्र के बिना प्रवेश नहीं

जी. श्रीकांत ने कहा कि प्रत्याशियों और उनके अधिकृत प्रतिनिधियों के लिए आवश्यक दस्तावेज तथा अद्यतन पहचान-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। पहचान-पत्र के बिना मतदान केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मतदान से 48 घंटे पहले सभी प्रकार का चुनाव प्रचार बंद करना अनिवार्य होगा।

प्रचार के लिए लेनी होगी अनुमति

प्रचार के दौरान सभाओं, ऑनलाइन माध्यमों और अन्य गतिविधियों से मतदाताओं को अनुचित रूप से प्रभावित करने की कोशिश नहीं की जा सकेगी। प्रचार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के लिए संबंधित जिलाधिकारी या स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी होगा।

मतदाताओं को प्रलोभन देना, धार्मिक स्थलों पर प्रचार करना, मतदान की गोपनीयता भंग करना और मतदान केंद्र के नजदीक प्रचार करना प्रतिबंधित रहेगा। फर्जी मतदान की जानकारी मिलने पर तत्काल चुनाव अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराने की अपील भी की गई।

प्रत्याशियों के लिए सहायता कक्ष

प्रत्याशियों को चुनाव प्रक्रिया से संबंधित जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए विभागीय आयुक्त कार्यालय सहित मराठवाड़ा के सभी जिलाधिकारी कार्यालयों में अलग-अलग सहायता कक्ष स्थापित किए गए हैं।

प्रचार के लिए मीडिया में जारी किए जाने वाले विज्ञापनों की सामग्री की जांच और प्रमाणन कराना जरूरी होगा। इसके लिए मीडिया निगरानी एवं प्रमाणन कक्ष से अनुमति लेनी होगी।

मतगणना के लिए 71 टेबल

मतगणना प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए 15 अक्टूबर को किलेअर्क स्थित वंदे मातरम् सभागृह में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। मतगणना के लिए 70 टेबल और डाक मतपत्रों की गणना के लिए एक टेबल निर्धारित किया गया है। इस तरह कुल 71 टेबल लगाए जाएंगे।

बैठक में आदर्श आचार संहिता, मतदान प्रतिनिधियों की नियुक्ति, प्रचार सामग्री की छपाई और मतदान के दिन पालन किए जाने वाले नियमों की जानकारी भी दी गई।

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